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छिपाई जा सकती है मौतों की हकीकत

7 वर्ष पहले
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जयपुर | प्रदेशभर में स्नेक बाइट के एएसवी इंजेक्शन नहीं होने का मामला विधानसभा में उठने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लीपापोती करने में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार सोमवार को चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी सर्पदंश से होने वाली मौतों के आंकड़ों की संख्या को कम दर्शाने के लिए प्रयासरत रहे। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से कई जिलों के सीएमएचओ कार्यालयों में फोन कर मौतों का आंकड़ा जुटाने का प्रयास किया गया। साथ ही इस सम्बन्ध में बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं।

यूंबचाव करेगा विभाग

सर्पदंशसे मौतों के आंकड़े ना तो चिकित्सा विभाग में दर्ज होतें हैं और ना ही किसी अन्य सरकारी विभाग में। अस्पतालों में आने वाले केस के आधार पर ही मौतों का पता चलता है। इनके अलावा कई केस ऐसे होते हैं जिनकी मौत सर्पदंश से मौके पर ही या अस्पताल लाने से पहले मौत हो जाती है। विभाग केवल कुछ अस्पतालों के आंकड़े प्रस्तुत कर मामले को दबाने की कोशिश कर सकता है।