पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ललित मोदी के पास 11 वोट, बचने को चाहिए सिर्फ 9

ललित मोदी के पास 11 वोट, बचने को चाहिए सिर्फ 9

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अविश्वास प्रस्ताव रद्‌द, एक माह में दोबारा लाना होगा

आमीनपठान ग्रुप के जिला संघों द्वारा अविश्वास को नोटिस देने पर खेल परिषद अध्यक्ष संघ की एजीएम बुलाएंगे। यह मीटिंग 12 मार्च तक बुलानी है। अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए तीन चौथाई वोट चाहिए। यानी आरसीए के कुल 33 में से 25 वोट। ऐसे में मोदी ग्रुप को अपने बचाव के लिए सिर्फ नौ वोट की जरूरत होगी। उनके पास फिलहाल 11 वोट हैं।

लीगल रिपोर्टर | जयपुर

हाईकोर्टने राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) में ललित मोदी के खिलाफ 5 माह पहले लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने चार सप्ताह में नए सिरे से नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने को कहा है। आमीन पठान ग्रुप 11 अक्टूबर को मोदी के अलावा सचिव सोमेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष पवन गोयल डिप्टी प्रेसिडेंट महमूद आब्दी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। न्यायाधीश बेला एम.त्रिवेदी ने यह आदेश बुधवार को ललित मोदी (जरिए महमूद आब्दी) सहित अन्य की याचिकाओं पर दिए। अदालत ने कहा कि इस अवधि के दौरान 17 अक्टूबर 2014 का अंतरिम आदेश बहाल रहेगा। शेष| पेज 6







इसअंतरिम आदेश से अदालत ने राज्य खेल परिषद के अध्यक्ष को आरसीए के कामकाज का प्रबंध देखने का निर्देश दिया था।

ललित मोदी की ओर से याचिका में कहा कि आमीन ने आरसीए के दफ्तर पर कब्जा कर उन्हें बिना नोटिस दिए ही अविश्वास प्रस्ताव लाकर स्वयं को कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत किया है, जबकि आरसीए के चुनाव सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर हुए थे। अब चुने हुए सदस्यों को काम करने से रोका जा रहा है और संविधान में इसका प्रावधान नहीं है। इसलिए चुने प्रतिनिधियों को काम करने दिया जाए। वहीं आमीन पठान की दलील थी कि बहुमत उनके साथ है और संविधान में आर्बीट्रेशन के जरिए ही विवाद का निपटारा करने का प्रावधान है। ऐसे में कोर्ट चाहे तो संघ के चुनाव दुबारा करा सकती है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहा।



यह था मामला

11 अक्टूबर, 2014 को आमीन पठान के नेतृत्व में कुछ जिला संघों ने मोदी, तिवारी, गोयल आब्दी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने का दावा किया था। इनके स्थान पर आमीन को कार्यवाहक अध्यक्ष, शक्तिसिंह को कार्यवाहक सचिव, मोहम्मद इकबाल को कार्यवाहक कोषाध्यक्ष विमल शर्मा को कार्यवाहक डिप्टी प्रेसिडेंट नियुक्त कर दिया था। मोदी इसके खिलाफ कोर्ट में गए थे।



समस्या यह भी

अविश्वास प्रस्ताव के समय वोटों की वैधानिकता को लेकर भी विवाद की स्थिति हो सकती है, क्योंकि आरसीए के चुनाव के बाद कुछ जिला संघों में चुनाव हो गए। इसी तरह सवाईमाधोपुर जिला संघ में पिछले चुनाव में जिसने वोट दिया था, उस ग्रुप को खेल परिषद नहीं मानती। खेल परिषद ने दूसरे ग्रुप को मान्यता दे रखी है। ऐसे में अब खुद परिषद अध्यक्ष की देखरेख में प्रक्रिया अपनाई जाएगी, तो देखना होगा कि वे किसे वोट का अधिकार देते हैं।

कोट

कोर्ट के निर्णय से हम राहत मिली है और यह साफ हो गया है कि आमीन पठान ग्रुप द्वारा अंसवैधानिक तरीके से कार्रवाई की गई थी। हम अविश्वास से दूर नहीं भागते, लेकिन कानूनी तरीके से निश्चित प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। हमारे पास पूरा बहुमत है।

महमूद आब्दी, प्रवक्ता ललित मोदी

कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं। बहुमत हमारे पास है, इसलिए कोर्ट ने मोदी ग्रुप को सत्ता नहीं सौंपी है। हम फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। क्रिकेट में बाहरी लोगों का कोई काम नहीं है।

आमीन पठान