अपना सीरियल नहीं, बिग बॉस देखेंगे
अधिकतरलड़कियों का सपना होता है कि वह पसंदीदा स्पोर्ट्स में अपना कॅरिअर बनाएं, लेकिन धर्म के नाम पर आज भी लड़कियों पर बड़ी रोक-टोक की जाती है। कुछ धर्मों में उन्हें स्पोर्ट्स सिर्फ इसलिए नहीं खेलने दिया जाता क्योंकि वहां शॉट्स पहनने होते हैं देर रात तक कोच प्रैक्टिस करवाते हैं, यह कहना है कलाकार हसन जैदी का। उन्होंने कहा कि इस सीरियल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहां पर एक मुस्लिम परिवार की लड़की जीवन में आने वाली हर चुनौतियों को मात देते हुए अपने टेनिस प्लेयर बनने के सपने को पूरा करती हैं। इस मौके पर कलाकार बरखा बिष्ट ने भी सीरियल से जुड़े अनुभव शेयर किए।
बिगबॉस से डाउन होगी टीआरपी : हमेंहमारे शो की सारी कहानी पता है, ऐसे में टीवी पर खुद का सीरियल देखने में ज्यादा रुचि नहीं है। इस सीरियल के प्राइम टाइम पर बिग बॉस भी शुरू हो गया है ऐसे में हमारे शो की टीआरपी डाउन हो सकती है, लेकिन फिर भी हम दोनों बिग बॉस देखना पसंद करेंगे।
serial promotion