भाग 2
खुलासे जारी रहेंगे... पढ़ते रहिए भास्कर
नकली घी सरगना की गिरफ्तारी पर डीआईजी ने मांगा था स्पष्टीकरण
जांच अधिकारी द्वारा दिए गए जवाब
वो सवाल जिन पर डीआईजी ने नोटिस दिया
एसीबी ने जांच रिपोर्ट में दोषी ठहराया तो मेरा पक्ष तो जानते : जसवंत संपतराम
मुझपर जांच रिपोर्ट में बताए गए सारे आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद हैं। मैं पूरी तरह बेकसूर हूं। जांच अधिकारी ने इतनी लंबी रिपोर्ट बनाई है, लेकिन एसीबी के एक भी अधिकारी ने मुझे इस बारे में कुछ नहीं बताया। मेरा पक्ष भी जाननेे की कोशिश नहीं की गई। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का यह संवैधानिक अधिकार है कि उसका एक बार पक्ष जरूर जाना जाए। मैंने कभी भी किसी के कहने पर ट्रांसफर और पोस्टिंग का काम नहीं किया।
-जसवंत संपतराम, एडीजीपुनर्गठन
(मामले की सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने के सवाल पर संपतराम ने कहा- इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।)
डीआईजी इस केस के सुपरवाइजरी ऑफिसर थे, इसलिए उन्होंने सवाल पूछे : डीजी मनोज भट्ट
डीआईजी आलोक वशिष्ठ इस केस में सुपरवाइजरी ऑफिसर हैं। ऐसे में उनको केस के बारे में जांच अधिकारी से जानने का पूरा है।
एसीबी डीजी मनोज भट्ट
{तथ्यात्मक रिपोर्ट मय मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ संलग्न है। जिसकी एक नवीन प्रति और भेज रहा हूं।
{मेरे पास महत्वपूर्ण एवं विशेष प्रकृति के अपराध की जांच होने से गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रकरण की केस डायरी को संवेदनशीलता एवं गोपनीयता के आधार पर संरक्षित रखने के एडीजी के आदेश हैं।
{मुझे विश्वास है कि यदि आपके द्वारा डीजी महाेदय को प्रस्तावित की गई टिप्पणी से पूर्व, प्रकरण के बारे में मुझसे पूछा जाता तो संभवतया यह स्थिति नहीं होती। स्पष्टीकरण में अंकित अन्य बिंदुओं के संबंध में निवेदन है कि मैं पिछले दो वर्षों से भी अधिक समय से ब्यूरो में उक्त विशेष शाखा के प्रभारी अधिकारी के रूप में अत्यन्त महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रहा हूं। मैं छुट्टी के दिन भी आता रहा हूं। अब अधिक काम की वजह से थकावट होने के कारण 27 सितंबर से 26 अक्टूबर तक अवकाश पर रहूंगा।
{सीडीआर एवं अन्य दस्तावेजों का संदर्भ अनुसंधान रिपोर्ट में यथास्थिति अंकित किया जा चुका है। संबंधित के खिलाफ आपराधिक कृत्य से संबंधित प्रमाणित पाए गए आरोप का विस्तृत विवरण मय स