पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 77 दिन, दो जांच अफसर बदले, नकली घी की फाइल देखी तक नहीं

77 दिन, दो जांच अफसर बदले, नकली घी की फाइल देखी तक नहीं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नकलीघी स्कैंडल में जांच अधिकारी बदलने के 77 दिन बाद भी जांच एक कदम आगे नहीं बढ़ी। एडीजी जसवंत संपतराम को अपनी जांच रिपोर्ट में आरोपी ठहराने के बाद तत्कालीन जांच अधिकारी हरदयाल सिंह छुट्टी पर चले गए। फिर एक के बाद एक दो अफसरों को जांच सौंपी गई। पहले ने व्यस्तता बताई और जांच में असमर्थता जता दी। वहीं, दूसरे का कहना है कि अभी चार दिन पहले ही जांच मिली है। फाइल खोलकर भी नहीं देख पाया।

डीजी मनोज भट्ट के निर्देश पर डीआईजी आलोक वशिष्ठ ने इस मुकदमे की जांच में कमियां बताते हुए 19 सितंबर 2014 को जांच अधिकारी हरदयाल सिंह को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण के बाद जांच अधिकारी 27 सितंबर को छुट्टी पर चले गए। इसके बाद जांच एएसपी नरेंद्र सिंह को सौंपी गई। उन्होंने 27 सितंबर से लेकर 28 नवंबर के बीच जांच के दौरान इसमें तो फाइल खोलकर देखी और किसी भी तरह का कोई इन्वेस्टिगेशन किया। फिर 28 नवंबर को इस मुकदमे की जांच एएसपी योगेश दाधीच को सौंपी गई है। रिश्वत लेकर पुलिस वालों का स्थानांतरण करने के मुकदमे में 25 जुलाई 2014 को जेल से ही गिरफ्तार किए गए नकली घी के सरगना दिनेश सिंघल और सुभाष गुप्ता के खिलाफ 9 सितंबर को जांच पूरी कर दी थी। साथ ही चालान पेश करने की सिफारिश कर दी। यानी पहले जांच अधिकारी ने 47 दिन में केस की जांच अपनी तरफ से पूरी कर दी। साथ ही पत्र लिखकर 60 दिन पूरे होने से पहले ही दिनेश सिंघल, सुभाष गुप्ता और गिरधारीलाल और 8 पुलिस वालों के खिलाफ चालान पेश करने की अनुमति मांग ली थी।

जांच का समय नहीं मिला : पूर्व जांच अधिकारी

^हरदयालसिंह के छुट्टी पर जाने के बाद ही स्पेशल यूनिट का प्रभार तो मुझे मिल गया था, लेकिन दूसरी जांचों में व्यस्त होने की वजह से मुकदमा संख्या 531/13 की फाइल नहीं देख पाया। - नरेंद्रसिंह, एएसपीऔर पूर्व जांच अधिकारी।

4 दिन पहले मिली जांच : मौजूदा जांच अधिकारी

^मुझेअभी चार दिन पहले ही इस स्पेशल यूनिट का प्रभारी बनाकर इसके अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जांच सौंपी गई है। अभी तक फाइल नहीं देख पाया हूं। फाइल को एक बार तसल्ली से पढ़ने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा कि जांच कैसे होगी।

-योगेश दाधीच, एएसपीऔर मौजूदा जांच अधिकारी।

चालान पेश में देरी पर मिलती है चार्जशीट : नियमानुसारएसीबी में किसी भी केस में गिरफ्तारी के बाद 60 से लेकर 90 दिन के अंदर चाला