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इंडियन नेशनल अकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग का एनुअल कन्वेंशन शुरू
विदेशोंकी तर्ज पर भारत न्यूक्लियर सेक्टर में तेजी से काम कर रहा है। आने वाले 5 सालों में भारत न्यूक्लियर सेक्टर विदेशों के समक्ष एक श्रेणी में खड़ा रहेगा। यहां 10 हजार साइंटिस्ट, रिसर्चर और फैलोज न्यूक्लियर पावर पर काम कर रहे हैं। बिड़ला ऑडिटोरियम में शुक्रवार को बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक रिसर्च की ओर से इंडियन नेशनल अकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (आईएनएई) के एनुअल कन्वेंशन की शुरुआत हुई। इसमें करीब 300 इंजीनियर्स शामिल हुए।
कन्वेंशन के अंतर्गत हाइब्रिड एनर्जी सिस्टम, स्मार्ट इलेक्ट्रिक ग्रिड्स, क्लीन कॉल इंजीनियरिंग, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी ट्रेंड्स एंड फ्यूचर्स, एनर्जी एफिशियंट मोबिलिटी केस स्टडीज और इंजीनियरिंग नैनो डायग्नोस्टिक टूल्स जैसे कई टॉपिक शामिल किए गए हैं। इस मौके पर आउट स्टेंडिंग टीचर अवॉर्ड से सम्मानित प्रो.प्रदीप दत्ता ने टीचिंग एक्सपीरियंस शेयर किए। प्रो.आर.के. श्यामसुंदर ने बताया, ‘भारत तेजी से एनर्जी, एजुकेशन इंडस्ट्री के क्षेत्र में बढ़ रहा है। अगले पांच सालों में भारत विकसित देशों की कतार में खड़ा होगा।’
फैलोज यंग इंजीनियर्स के टेक्निकल सेशन
प्रो.प्रदीप चतुर्वेदी ने सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए इंजीनियरिंग सेक्टर में होते बदलावों पर चर्चा की। डॉ. अजीत वी सापरे का प्रेजेंटेशन ‘इनोवेशन इन हाइड्रोकार्बन बिजनेस मॉलिक्यूल्स टू मार्केट्स: वन पर्सपेक्टिव’ पर रहा। वहीं डॉ. अनिरबन मुखोपाध्याय ‘एलगोरिदम्स फोर माइनिंग प्रोटिन- प्रोटिन इंटरएक्शन नेटवर्कस’ पर इंजीनियर्स से रूबरू हुए।
आईएनएई के प्रेजीडेंट डॉ. बलदेव राज ने इनोवेटिव स्टूडेंट्स को सम्मानित किया।
न्यूक्लियर पावर में भारत 5 सालों में होगा फ्रंट पर
प्रो. एस रंगनाथन को इंजीनियरिंग में लाइफ टाइम कॉन्ट्रिब्यूशन अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। सोसायटी एनर्जी, एजुकेशन इंडस्ट्री सेक्टर में आईएनएई काम कर रही है। ‘न्यू क्लियर एनर्जी प्रोग्राम एरो स्पेस पर ये अभी काम कर रहे है।
डॉ अनीरबन मुखोपाध्याय ने ‘एल्गोरिदम्स फोर माइनिंग प्रोटीन- प्रोटीन इंटरएक्शन नेटवर्क्स’ पर प्रेंजेंटेशन दिया। उन्होंने वायरल प्रोटीन ह्यूमन प्रोटीन में इंटरएक्शन को बताया। 19 एच आईवी प्रोटीन है, जो 3,000 ह्यूमन प्रोटीन में मिलते है। वे जर्मन केंसर रिसर्च सेंटर में एचआईवी पर काम कर रहें है।
प्रो. आरके श्यामसुंदर को प्रो. जयकृष