महकी सुपरहिट गीतों की खुशबू
शहरका कला फलक गुरुवार को बॉलीवुड के गोल्डन एरा के सुपर हिट गीतों की खुशबू से महक उठा। मौका था स्वर सुरभि संस्था की ओर से बिड़ला ऑडिटोरियम में कार्यक्रम ‘यादें याद आती हैं’ के आयोजन का। इसे मुंबई और जयपुर के गायकों ने अपनी सुरीली और पुर कशिश आवाज से परवान चढ़ा दिया। जयपुर के डॉ. प्रकाश छबलानी के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुंबई के विनोद शेषाद्रि ने किशोर कुमार, मुंबई की ही बीना देसाई ने गीता दत्त आशा भोसले और जयपुर की सीमा मिश्रा ने लता मंगेशकर के गाए गीतों को जिस तैयारी और सुरों की सजगता से निर्वहन करते हुए पेश किया उसकी श्रोताओं ने जमकर सराहना की।
बीना देसाई ने आशा भोसले के गाए ये है रेशमी जुल्फों का अंधेरा ना घबराइए, ये रातें ये मौसम नदी का किनारा, मेरे सोना रे सोना, गीता दत्त के गाए दिल मुझे बता दे तू किस पे गया है और बाबूजी धीरे चलना आदि पेश कर दर्शकों की वाह-वाही बंटोरी। विनोद शेषाद्रि ने किशोर कुमार के गाए चल के तुझे मैं लेके चलूं, नखरे वाली, फूलों के रंग से, ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत और दिल आज शायर है गम आज नगमा गीत पेश कर समां बांध दिया। जयपुर की सीमा मिश्रा के गाए परदे में रहने दो, आएगा आने वाला और प्रकाश छबलानी का गाया मुड़ मुड़ के ना देख के प्रस्तुतिकरण का अंदाज भी सुरीला था। कार्यक्रम में प्रमोद गोयल और सोनिया बिरला ने भी गीत गाये। कार्यक्रम में जस्टिस आर.एस. राठौड़ मुख्य अतिथि थे। समाजसेवी दामोदर मोदी ने अध्यक्षता की। संस्था के संरक्षक मोहन वीणा वादक पं.विश्वमोहन भट्ट भी मौजूद थे।
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