हिन्दी का महत्व विदेशों में भी बढ़ा
हिन्दी का महत्व विदेशों में भी बढ़ा
जयपुर| हिन्दीकी पहचान देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपने महत्व के कारण बढ़ चुका है। दुनियाभर के विश्वविद्यालयों में हिन्दी के पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। यह हिन्दी का बढ़ता महत्व ही है जिससे कई देश अपने यहां की सामग्री का हिन्दी में अनुवाद करा रहे हैं। ये बातें साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष वेदव्यास ने हिन्दी दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। श्रम मंत्रालय में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय निदेशक उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि निगम का तकरीबन 95 फीसदी काम हिन्दी में किया जा रहा है और कोई दिक्कत महसूस नहीं की गई है। निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के तौर पर सिंधी भाषाविद् लक्ष्मण भंगानी ने कहा कि देश में हिन्दी की स्थिति सुधर रही है। भारत सरकार ने भी इसके प्रयोग पर बल दिया है।