- Hindi News
- शिक्षा मंत्री ने माना स्कूलों के एकीकरण में गलतियां हुईं
शिक्षा मंत्री ने माना- स्कूलों के एकीकरण में गलतियां हुईं
...और सदन में | तीन बिल पास
{14वीं विधान सभा का तृतीय सत्र गुरुवार दोपहर 3:41 बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
राजस्थान भूमि अर्जन विधेयक 2014 फिलहाल टल गया है। गुरुवार को जब विधेयकों पर चर्चा शुरू हुई तो संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने इसे प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने स्वीकृति दे दी। समिति अगले सत्र में इसका प्रतिवेदन देगी।
समिति इस विधेयक के सभी प्रावधानों का परीक्षण करेगी।
भूमि विधियां (संशोधन) िबल, 2014
ये होगा : एससी-एसटीको छोड़ बाकी किसान अपनी जमीन सोलर-विंड पावर प्लांट के लिए कंपनियों को 30 साल के लिए लीज पर दे सकेंगे।
विधानसभा(अफसर और सदस्यों की परिलब्धियां पेंशन) (संशोधन) िबल
ये होगा : पूर्वविधायक की मृत्यु के बाद आश्रित को ढाई हजार रु. की जगह 3500 रु. पेंशन मिलेगी।
दंडप्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2014
ये होगा : प्रथमश्रेणी मजिस्ट्रेट आबकारी अधिनियम मामलों में 50 हजार रु. तक का जुर्माना कर सकेंगे। अब तक न्यायिक मजिस्ट्रेट 10 हजार रु. तक का ही जुर्माना कर सकते थे।
बुधवार को यह बाेले थे
शिक्षामंत्री ने बुधवार को सदन में कहा था कि स्कूलों के एकीकरण और समानीकरण में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मानदंडों की पालना तय की गई है। सब नियम से हुआ है।
विधानसभा संवाददाता | जयपुर
एकीकरणके नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने का विरोध गुरुवार को विधानसभा में भी हुआ। कांग्रेस के विरोध के बाद खुद शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने पहली बार सदन में स्वीकारा कि इसमें कई जगह गलतियां हुई हैं। सुधार के लिए सार्वजनिक रूप से 31 अगस्त तक आपत्तियां मांगी गई थी। 17 हजार में से सिर्फ 2500 स्कूलों को लेकर ही शिकायत मिली। इनका समाधान दो-तीन दिन में कर दिया जाएगा। इससे पहले कांग्रेसी विधायक सुखराम विश्नोई ने स्थगन के जरिए मामला उठाया।
स्कूलों के एकीकरण में सरकार पर तय मापदंडों को दरकिनार करने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह ने सरकार से पूछा-एकीकरण करके स्कूल बंद करने या विलय करके बंद करने में अंतर क्या है। अंतत: स्कूल तो बंद हो ही गए ना।
कालीचरण सराफ