पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • उपचुनाव में हार जीत के कारणों की रिपोर्ट सीएम को सौंपेंगे 250 भाजपा नेता

उपचुनाव में हार-जीत के कारणों की रिपोर्ट सीएम को सौंपेंगे 250 भाजपा नेता

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विधानसभाके उपचुनावों में 4 में से तीन सीटों पर हार को भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी चारों विधानसभा सीटों पर 20 सितंबर को बूथ वाइज पता करेंगे कि वहां से कम या ज्यादा जो वोट मिले हैं, उसका असली कारण क्या रहा।

हार वाली जगहों पर जनता की नाराजगी की वजह सरकार के कामकाज, या संगठन की स्थिति से या प्रत्याशी की वजह से रही, इसकी गोपनीय रिपोर्ट एवं फीडबैक चुनाव प्रबंधन के लिए चार सीटों पर लगाए गए भाजपा के 60 विधायकों समेत करीब 250 नेताओं से मांगा गया है। यह नेता बंद लिफाफे में 20 सितंबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आकर प्रदेश नेतृत्व को देंगे। सेक्टर एवं बूथ वाइज जो फीडबैक आएगा, उसके आधार पर पता चलेगा कि लोगों में सरकार एवं संगठन की 9 माह में रही भूमिका का स्थानीय स्तर पर क्या असर रहा है।

बंद लिफाफे में रिपोर्ट तैयार करके देने के लिए विधानसभा में लगाए गए प्रभारी, सह प्रभारी, सेक्टर प्रभारी, सह सेक्टर प्रभारी समेत अलग-अलग जिम्मा संभालने वाले चुनिंदा नेताओं को 20 सितंबर को आने के लिए भाजपा प्रदेश कार्यालय ने सूचित किया है।

यह भी होगा अबहर महीने में भाजपा संगठन के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बैठक होगी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में 20 सितंबर को होने वाली बैठक में पार्टी के सभी प्रदेश पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है। उनके साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी सत्ता और संगठन में समन्वय पर बैठक करेंगे।

वोटिंग के आधार पर देनी होगी रिपोर्ट

सेक्टर प्रभारी सह-प्रभारी में एक बाहरी नेता और एक स्थानीय नेता को जिम्मेदारी सौंप रखी थी। अब इन नेताओं से वहां उस सेक्टर में आने वाले बूथों की वोटिंग के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।

विधानसभामें भी लिया था फीडबैक

मुख्यमंत्रीवसुंधरा राजे ने विधानसभा सत्र के दौरान 17 सितंबर को करीब 24 विधायकों से चार सीटों के रिजल्ट को लेकर बातचीत की थी। फीडबैक में सामने आया कि नसीराबाद में जिम्मा संभालने वाले एक कैबिनेट मंत्री तो कस्बाई संस्कृति पसंद नहीं होने की वजह से रात को वहां रुकते ही नहीं थे। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इन मंत्री को डांट लगाई है। इसी तरफ मुख्यमंत्री के पास फीडबैक आया कि सूरजगढ़ में वहां एक मंत्री की ज्यादा