जयपुर. राज्य के 7 लाख से अधिक बीएड बीएसटीसी डिग्रीधारियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग के पास अभी रिक्रूटमेंट कम एलिजिबिलिटी एग्जाम फॉर टीचर्स (रीट) की गाइडलाइन ही उपलब्ध नहीं है। सूचना के अधिकार के तहत रीट की गाइडलाइन मांगी तो यह जानकारी सामने आई। यह सामने आने के बाद अब दीपावली तक तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती प्रारंभ करने के सरकार के दावे फेल हो सकते हैं। वर्तमान में माध्यमिक प्रारंभिक शिक्षा में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 46,271 पद खाली हैं।
इस साल जुलाई में बजट भाषण में टेट को समाप्त कर रीट के माध्यम से ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती कराने की घोषणा की गई थी। अगस्त सितंबर में दो बार सूचना के अधिकार के तहत प्रमुख शिक्षा सचिव से रीट की गाइडलाइन मांगी गई। दोनों ही बार गाइडलाइन के लिए इस विभाग की ओर से यह कहते हुए मना कर दिया गया कि मांगी गई सूचना प्रारंभिक शिक्षा के निदेशक बीकानेर कार्यालय से संबंधित है। विभाग ने अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को प्रार्थना-पत्र भेजकर प्रार्थी को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एडवोकेट संदीप कलवानिया ने पहली बार 31 जुलाई को दूसरी बार 1 सितंबर को इस मामले पर आरटीआई लगाई थी। पहला जवाब 5 अगस्त को दूसरा जवाब 3 सितंबर को मिला। दोनों ही बार शिक्षा विभाग ने एडवोकेट कलवानिया को एक ही जवाब भेजा।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अफसरों का कहना है कि गाइडलाइन बनाने भर्ती कराने का काम सरकार का है। उनके यहां रीट से संबंधित किसी प्रकार की गाइडलाइन नहीं है। ऐसे जवाबों के बाद माना जा रहा है कि सरकार के पास अभी रीट की गाइडलाइन उपलब्ध ही नहीं है। इससे जल्दी शिक्षक भर्ती होने के आसार नजर नहीं रहे।
शिक्षा विभाग के पास नहीं है रीट की गाइडलाइन
जानकारी निदेशालय से संबंधित ही नहीं, फिर भी लिख दिया पत्र
आरटीआई में चार बिंदुओं पर जानकारी उनसे संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। इसमें रीट की संपूर्ण गाइडलाइन रीट कब किया जाना प्रस्तावित है? भर्ती कितने पदों पर प्रस्तावित है और क्या बिना टेट के बीएड या बीएसटीसी धारी शिक्षक भर्ती के योग्य है? ऐसे सवालों के जवाब के लिए भी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को लिख दिया। जो वहां से संबंधित ही नहीं हैं।