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12 घंटे तक ढंूढ़ते रहे दवा, जहर फैलता रहा

7 वर्ष पहले
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जिंदगी की जंग जारी

राजधानी जयपुर के स्वाथ्य महकमे के पास सांप के काटे का प्रारंभिक इलाज ही नहीं। एसएमएस अस्पताल सहित किसी भी सरकारी अस्पताल और मेडिकल स्टोर्स पर स्नेक बाइट के एंटीवेनम नहीं हैं। एसएमएस अस्पताल में शनिवार सुबह सांप के काटे का इलाज कराने पहुंचे 20 वर्षीय युवक को एंटीवेनम इंजेक्शन के लिए 12 घंटे इंतजार करना पड़ा। इस दौरान जहर उसके पूरे शरीर में फैलता गया। अब यह युवक आईसीयू में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है। शाम 4 बजे किसी तरह मरीज के लिए एसएवी इंजेक्शन का बंदोबस्त किया जा सका। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दवा के ट्रांसपोर्ट में कोई परेशानी गई थी, इसलिए इंजेक्शन नहीं मिला।

एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कालू। फोटो | राजकुमारशर्मा

बड़ा सवाल

सांप काटने के बाद शनिवार सुबह जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई युवती आयशा की तबीयत बिगड़ती चली गई। दोपहर में उसे अचेतावस्था में एसएमएस अस्पताल लाया गया। यहां कुछ देर उपचार के प्रयासों के बाद उसे मृत घोषित कर िदया।

इधर, दवा मिलने से युवती की मौत

कालू को सुबह 3:45 पर निवाई में सांप ने काटा। घरवाले सुबह निवाई सीएचसी ले गए। वहां भी स्नेक बाइट का इंजेक्शन नहीं मिला। प्रारंिभक उपचार के बाद डॉक्टरों ने एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया। यहां वो सुबह 11 बजे पहुंचा, लेकिन यहां इंजेक्शन नहीं मिला। तबीयत बिगड़ती गई। अब कालू अचेतावस्था में आईसीयू में भर्ती है।

एसएमएस के मेडिसिन विभाग के डाॅ. सुधीर मेहता ने बताया कि स्नेक बाइट के मामले में पीड़ित को जल्दी से जल्दी एएसवी इंजेक्शन लगाया जाना चाहिए। इसमें ज्यादा वक्त लगता है तो पॉइजन तेजी से फैलता है और पैरालाइसिस से लेकर मौत तक का खतरा हो सकता है। यह सांप के काटने पर शरीर में प्रवेश किए जहर पर निर्भर करता है।

यह है हकीकत

भास्करपड़ताल में सामने आया कि जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, कोटा, अलवर सहित लगभग पूरे प्रदेश में एएसवी इंजेक्शन की सप्लाई अगस्त के बाद से ही अटकी हुई है। कालू को निवाई में ही इलाज क्यों नहीं मिला? एसएमएस अस्पताल में भी दवा नहीं मिली।

अफसर का तर्क

ड्रगकंट्रोलर अजय जैन ने बताया कि इन दिनों सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती हैं। इसलिए जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों में इंजेक्शन भिजवा दिए। जयपुर में ट्रांसपोर्ट की वजह से माल नहीं पाया है। अगले दो-तीन