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20 फीसदी से कम रिटर्न पर नहीं आएंगे निवेशक
प्रदेशमें अगले पांच सालों के दौरान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 20,000 किलोमीटर लंबी सड़कों के विकास कार्यक्रम में भागीदारी के लिए निवेशक लाने में राज्य सरकार एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। लेकिन, निवेशक को ठोस प्लान तो चाहिए ही अपने निवेश पर अच्छा रिटर्न भी चाहिए।
राजस्थान सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) राज्य में जिन बड़े निवेशकों को लाना चाह रहा है, उनका साफ तौर पर कहना है कि 10-12 फीसदी का रिटर्न तो बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट और कॉरपोरेट बांड में ही मिल रहा है, इतने रिटर्न पर निवेश करने का क्या फायदा? कम से कम 20-25 फीसदी का रिटर्न दिखाई देगा, तभी हम निवेश करेंगे। निवेशकों का मानना है कि जब तक प्रोजेक्ट से लागत वसूल होने का भरोसा हो, निवेश का फैसला नहीं किया जा सकता। सरकार की एप्रोच व्यवहारिक होनी चाहिए। किसी भी परियोजना में टेंडर हासिल करने वाली कंपनी एक चौथाई राशि ही लगाती है, शेष तीन चौथाई राशि बैंकों
समस्या सुझाव
समयपर जमीन मिलने से बीच में प्रोजेक्ट अटकना टेंडर जारी होने से पहले कर लिया जाए जमीन का अधिग्रहण
टोल वसूली से परियोजना की लागत निकल पाना कम ट्रैफिक वाले रूटों पर सरकार बढ़ाए वायबिलिटी गैप फंडिंग की राशि
बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन मिल पाना राज्य सरकार लोन दिलाने के लिए करे अपने तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था
स्थानीय सरकारी अधिकारियों से सहयोग मिलना बड़े सरकारी अधिकारियों निवेशकों के बीच संवाद का सिस्टम तैयार हो
बड़ी दुर्घटना या देरी पर परियोजना बीच में बंद हो जाना विश्वास बहाल करने के लिए राज्य सरकार की तरफ से करनी होगी कोशिश
व्यवहारिक एप्रोच अपनाए सरकार
^हमराजस्थान में निवेश करना चाहते हैं। सरकार को परियोजनाएं तैयार करते समय व्यवहारिक एप्रोच अपनानी चाहिए, ताकि निवेशकों को अपने निवेश पर पर्याप्त रिटर्न मिल सके। परियोजना शुरू होने से पहले जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरा होना भी बहुत जरूरी है। इसके अलावा और सुविधाएं भी सरकार को देनी चािहए तािक व्यापारी प्रदेश में िनवेश करने के िलए आकर्षित हों। -डॉ.आर. मंडल, डायरेक्टरश्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड
प्रोजेक्टदेख कर करेंगे फैसला
^हमराजस्थान सरकार के साथ काम करना चाहते हैं। सरकार की तरफ से जो कदम उठाए जा रहे हैं, वो सकारात्मक दिखाई दे रहे हैं।