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खेतों में खुले में रात बिताने को मजबूर गर्भवती औरतें और बच्चे

7 वर्ष पहले
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जयपुर | रिंगरोड की जमीन पर चल रहे सरकारी बुल्डोजर ने गर्भवती और बूढ़ी महिलाओं तथा छोटे-छोटे बच्चों को खेतों में खुले में रात बिताने को मजबूर कर दिया है। भूडतल जैसे कई गांवों में लोग खेतों में रात काट रहे हैं। रिंग रोड की कार्रवाई के कारण आसपास के इलाके में बिजली काट दी गई है। पानी की टंकियों और चूल्हों तक को ध्वस्त कर दिया है। पीयूसीएल के एक दल ने शुक्रवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर वहां के हालात जानें। दल के सदस्य सवाई सिंह, कविता श्रीवास्तव और संजय माधव ने बताया कि एक तरफ दमन पर उतरे पुलिस और प्रशासन के लिए खाने-पीने और सुख-सुविधाओं के तमाम इंतजाम किए गए हैं प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का आरोप है कि उन्हें अपनी पकी फसल को काटने के लिए एक माह का भी समय नहीं दिया। बुजुर्ग नानगराम ने बताया कि बाजरे की पकी फसल को बुल्डोजर से नष्ट कर दिया गया है।

कानोता क्षेत्र के भूड़तल गांव के रामफूल की प|ी गोविंदी आठ माह से गर्भवती है। पिछले दो दिन से गोविंदी खुले आसमान के नीचे खेतों में रात बिताने को मजबूर है। सरकारी बुल्डोजर ने रामफूल के मकान को ध्वस्त कर दिया है, ऐसे में उसकी गर्भवती प|ी और पूरे परिवार को अब भूखे-प्यासे खेत में रात काटनी पड़ रही है। भूडतल गांव के हनुमान की प|ी ममता ने एक माह पहले ही एक बेटी को जन्म दिया था। रिंग रोड की जमीन पर चले सरकारी बुल्डोजर के कारण हनुमान और उसकी प|ी ममता अपनी नवजात बच्ची के साथ खुले में रह रहे हैं।