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मेट्रो के लिए खुदाई से बरामदे के पिलर धंसे, छत में दरारें
^मेट्रोके काम के लिए डी-वॉल बना दी गई थी, लेकिन परिसर के बाहर और बरामदों के बीच वाले हिस्से में मैनुअल खुदाई कर पीएचईडी की लाइन डालने का काम चल रहा था। इसमें मिट्टी खिसकने से दो दुकानों के सामने के पिलर धंस गए। अब इसका हेरिटेज कंजर्वेटर की राय से पुनर्निर्माण कराया जाएगा। पूर्व में हेरिटेज कंसल्टेंट द्वारा बेस सर्वे किया गया था, जिसमें इस हिस्से के मूल स्वरूप के फोटो हैं। -निहालचंदगोयल, सीएमडी, जेएमआरसी
यह रही खामियां
प्रत्यक्षदर्शीदीपक डंडोरिया ने बताया कि मेट्रो कर्मचारियों ने सपोर्ट के लिए पिलरों के नीचे कुछ नहीं लगा रखा था। इससे पहले कर्मचारी खुदाई के समय पिलरों के नीचे सपोर्ट लगाते आए हैं। 10 दिन से बिना सपोर्ट के खुदाई का काम चल रहा है। जहां पर हादसा हुआ है वहां पर मेट्रो के लिए 80 फीट खुदाई की जा रही है।
जयपुर | मेट्रोकी खुदाई के दौरान शनिवार को चारदीवारी में बरामदों की जड़ें हिल गईं। त्रिपोलिया बाजार में उदय सिंह की हवेली के पास दो दुकानों (नंबर 370 एवं 371) के बरामदों के तीन पिलर धंस गए। छत में दरारें गईं। बाजार में अफरा-तफरी मच गई। व्यापारी दुकानों से भाग निकले। हादसा शाम करीब 6.30 बजे मेट्रो के लिए खुदाई में जुटी मशीनों के वायब्रेशन से हुआ। बाद में डिप्टी मेयर मनोज भारद्वाज ने दौरा किया। निगम सीईओ ज्ञानाराम और मेट्रो अधिकारियों को मौके पर बुलाया और पिलरों के सपोर्ट लगाने के निर्देश दिए। हादसे के बाद कर्मचारियों ने लोगों की पिटाई से बचने के लिए ड्रेस बदल ली।
बदल ली खुद की ड्रेस
जैसे ही हादसा हुआ मौके पर उपस्थित मेट्रो कर्मचारियों ने पब्लिक पिटाई के डर से ड्रेस बदल ली और भीड़ में जाकर खड़े हो गए। अधिकारियों ने सिर पर लगा रखी टोपी हटा दी। मामला शांत होने के एक घंटे बाद फिर से मौके पर अधिकारी पहुंचे। हादसे का निरीक्षण किया, व्यापारियों को समझाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।