गुरु जाप से जुड़ती गई संगत
जयपुर| गुरुद्वारागुरुनानक सिख सभा, हीदा की मोरी में चल रहे 29वें गुरमत समागम के दूसरे दिन शनिवार को सुबह के नितनेम के साथ दीवान की शुरुआत हुई। इसके बाद भाई सतिंदर सिंह हरविंदर सिंह ने आसा दी वार का पाठ किया। भाई करनैल सिंह ने ‘हर दर्शन की आसा’ ‘हऊ तुम री करो नित आस’ शब्द गायन से संगत को जोड़ना शुरू किया। भाई जीवण सिंह ने ‘देहों दरस प्रभ मेरे’, ‘अमृत बाणी हर-हर तेरी’ एवं ‘भगत दान भगता को दीना’ शब्द सुनाए। भाई सतिंदर वीर सिंह, हजुरी रागी जत्था दरबार साहेब अमृतसर ने ‘सेवक की अरदास प्यारी’, ‘जप जीवा तब चरण तुम्हारी’ शब्द कीर्तन का रस गान किया। भाई जोगेंद्र सिंह भाई गुरप्रीत सिंह ने वाहेगुरू-वाहेगुरू का जाप करवाया। वाहेगुरू-वाहेगुरू का जाप करते हुए संगत मंत्र मुग्ध हो गई समागम में अमृतसर से आए पंच प्यारों ने 50 सिखों को अमृत संचार कराया। रात का दीवान रह रास साहेब से शुरू हुआ। सभी कीर्तनी जत्थों एवं प्रचारकों ने व्याख्यान दिए। ठाकुरसिंह के मुताबिक रविवार का दीवान सुबह 6 से सांय 5 बजे तक सजाया जाएगा।