कुपोषण से निपटने के लिए एक्शन प्लान
वि.सं. जयपुर. चिकित्साविभाग ने बारां जिले में बच्चों में कुपोषण की समस्या का समाधान करने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई है। इसके तहत कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए बारां जिले की सभी 330 आशा कार्यकर्ताओं एएनएम को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। दो दिन पहले विधानसभा में उठे मामले के बाद सरकार ने ये कदम उठाए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने वरिष्ठ अधिकारियों को बारां जिले का दौरा कर कुपोषित बच्चाें को चिह्नित कर इलाज के लिए की जा रही कार्यवाही का निरीक्षण और नियमित मॉनीटरिंग के निर्देश दिए हैं।
निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. बी.आर.मीणा निदेशक आरसीएच डॉ. हरिओम शर्मा शनिवार को बारां के लिए रवाना हो गए। प्रमुख चिकित्सा सचिव दीपक उप्रेती ने शनिवार को इस संबंध में सचिवालय में बैठक की। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों का चिह्नीकरण कर रही हैं। बारां में 5 वर्ष तक आयुवर्ग के बच्चों की अनुमानित संख्या 1.60 लाख है। अब तक 1250 बच्चों को चिह्नित कर इलाज करवाया जा रहा है। 583 का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। वर्तमान में 212 बच्चों का इलाज बारां, शाहबाद, किशनगंज और केलवाड़ा केंद्रों पर चल रहा है।