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बालिका स्कूल में नामांकन पर्याप्त तो नहीं होगा मर्ज
शिक्षाविभाग ने एकीकरण पर लगातार रही शिकायतों के बाद शुक्रवार को इनके निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इसके आधार पर पर्याप्त नामांकन होने और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्कूल को यथावत रखा जा सकता है। संयुक्त सचिव आरसी ढेनवाल की ओर से जारी इन निर्देशों में कहा गया है कि आरटीई के नियमों के अनुसार 1 किमी में प्राथमिक स्कूल और 2 किमी में उच्च प्राथमिक स्कूल होना आवश्यक है।
यदि इन नियमों के विपरीत कोई स्कूल समन्वित हुआ है तो उसे यथावत संचालित किया जा सकता है। यदि किसी स्कूल को अन्य राजस्व ग्राम के स्कूल में मर्ज किया गया तो उसे भी यथावत रखा जा सकता है। केवल शून्य नामांकन वाले स्कूल को ही दूसरे राजस्व ग्राम में मर्ज किया जा सकता है। बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल को सामान्य स्कूल में मर्ज किया गया है तो कक्षा 6 से 8 में छात्राओं की पर्याप्त संख्या स्थानीय मांग को देखते हुए उसे मर्ज से बाहर रखा जा सकता है।
^आरटीई के मानदंड कक्षा के हैं कि स्कूल के। सरकार की ओर से जारी मानदंड में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय को अाधार माना गया है, जबकि उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षा एक से पांच भी लगती है। उसकी दूरी एक किलोमीटर अधिक हो गई है, जो नियमानुसार गलत है। -महेंद्रपांडे, प्रदेशमहामंत्री, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
ये हैं मानदंड
स्कूल मर्ज करने का आधार
1.आरटीईके मापदंडों के अनुसार एक किलोमीटर दूरी में प्राथमिक एवं दो किलोमीटर दूरी में उच्च प्राथमिक स्कूल जरूरी है। इस प्रावधान के विपरीत किसी स्कूल को मर्ज किया है तो उसका संचालन वापस यथावत किया जा सकता है।
2.आदर्शस्कूल एवं मर्ज स्कूल एक ही राजस्व गांव में होने चाहिए। शून्य नामांकन वाले स्कूलों को ही अन्य राजस्व गांव के स्कूलों मे मर्ज किया जा सकता है।
यह रहेगी छात्र संख्या
> मांग को देखते हुए आदर्श स्कूल का संचालन भामाशाह द्वारा निर्मित भवन में भी किया जा सकता है।
> स्थान की कमी को देखते हुए उप निदेशक की मंजूरी के अनुसार कक्षाओं का संचालन समाहित स्कूल भवन में किया जा सकेगा।
> भामाशाहों द्वारा निर्मित स्कूलों में सुविधाएं और छात्र संख्या पर्याप्त होने पर उन्हें यथावत रखा जा सकता है।
> अल्प भाषायी स्कूलों एवं अनुसूचित जाति की बस्तियों में िस्थति स्कूलों को भी छात्र संख्या पर्याप्त होने प