5000 रु. बिल बाकी तो कनेक्शन कटेगा
अगर किसी उपभोक्ता ने बिजली का बिल काफी समय से जमा नहीं किया है तो उसकी दिवाली इस बार अंधेरे में मन सकती है। बिजली का बकाया बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं पर विभाग सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। इसके तहत, 5,000 रुपये से ज्यादा के बकाया बिल वाले सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाने का फैसला लिया गया है।
राजस्थान की तीनों बिजली वितरण कंपनियों के चेयरमैन आर. जी. गुप्ता ने हाल ही में हुई एक बैठक में बकाया बिलों को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। बैठक में सामने आया कि ऐसे कनेक्शन भी बड़ी संख्या में हैं, जहां बकाया की राशि एक लाख रुपये से भी ज्यादा है, लेकिन स्पष्ट आदेशों के बावजूद ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे नहीं गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या अजमेर डिस्कॉम के क्षेत्र में तो बहुत ही ज्यादा पाई गई। बैठक में तय किया गया कि 5,000 रुपये से ज्यादा के बकाया बिलों को वसूलने की कार्यवाही में तेजी लाए जाए और जो उपभोक्ता बकाया बिल का भुगतान करने में आनाकानी करें, उनके कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काट दिए जाएं। बैठक में एक लाख रुपये से ज्यादा के बकाया बिलों के मामलों की जिम्मेदारी जोनल चीफ इंजीनियर, 50,000 रुपये से ज्यादा के बिलों की जिम्मेदारी सर्किल अधीक्षण अभियंता, 20,000 रुपये से ज्यादा के बिलों की जिम्मेदारी अधिशाषी अभियंता, 10,000 रुपये से ज्यादा के बिलों की जिम्मेदारी एईएन 5,000 रुपये से ज्यादा के बिलों के मामलों में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी जेईएन को दी गई। तय किया गया कि बकाया बिल वसूल करने और ऐसा होने पर कनेक्शन काटने के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं की जांच करने का भी फैसला लिया गया, जिनके कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए गए हैं, लेकिन उन्होंने बिल जमा किए बिना ही वापस अपने कनेक्शन जोड़ लिए हैं।
सीटीपीसी सेट नहीं अटके कनेक्शन
जयपुर.डिस्कॉमके मेटेरियल मैनेजमेंट विंग के इंजीनियरों की लापरवाही से उपभोक्ताओं को एचटी बिजली कनेक्शनों के लिए सीटीपीटी सेट नहीं मिल पा रहे है। ऐसे में 50 हजार से दो लाख रुपए चुकाने के बावजूद बड़े शोरूम उद्योग में बिजली कनेक्शन नहीं ले पा रहे है। नवरात्रा दीपावली से पहले बिजली कनेक्शन का आवेदन बढ़ जाता है, इसके बावजूद एमएम विंग ने कनेक्शन के लिए जरूरी सामान ही नहीं खरीदा। इसका खामियाजा अब ऑपरेश