सीएस के 112 रु. पास कराने को 20 बैठकें
तिवाड़ी ने कहा-आज सबसे बड़ा संसदीय कार्यमंत्री वह माना जाता है जो सीएम को यह सूचना दे कि मैंने आठ दिन में काम निबटा दिया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ बोले- वह मैं नहीं हूं। सभापति ने चुटकी लेते हुए तिवाड़ी से कहा कि आप पुष्टि कर दें, यह है या नहीं है। तिवाड़ी बोले- मैं क्यों बताऊं किसकी दाढ़ी में तिनका है।
तिवाड़ी ने कहा- जजों की तरह आईएएस भी खुद का प्रमोशन खुद ही करते हैं। जैसे जजेज ने खुद के जज बनाने का फैसला कर लिया था। उसी तरह आईएएस ने भी अपना फैसला खुद ही कर तय कर लिया है। 120 कानून बना दिए सर्विसेज के लिए, लेकिन खुद के प्रमोशन की तो कोई डीपीसी है, कोई और प्रक्रिया है। आप थोड़े दिन में देखेंगे कि राजस्थान में कोई सेक्रेटरी नहीं होगा, सबके सब अतिरिक्त मुख्य सचिव ही होंगे।
विशेष संवाददाता | जयपुर
विधानसभामें भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने न्यायपालिका सुधार के लिए लाए जा रहे बिल की तरह ब्यूरोक्रेसी के लिए भी ऐसा ही बिल लाने की आवश्यक जताई। उन्होंने बुधवार को सदन में कहा- हमारे बहुत बड़े सचिव हैं, सबसे बड़े सचिव। वह दिल्ली से जयपुर आए। उनका हवाई जहाज का बिल था। बिल पास होने के लिए गए तो अकाउंट्स वालों ने बिल के 13 हजार रुपए तो पास कर दिए, लेकिन सर्विस चार्ज के जो 112 रुपए थे, वह पास नहीं किए गए। इस पर चीफ सेक्रेटरी (सीएस) ने पत्र लिख दिया कि सर्विस चार्ज के 112 रुपए मुझे दिए जाएं। फाइल चली और 20 मीटिंग हुई। फाइल फाइनेंस सेक्रेटरी से पास होकर मुख्यमंत्री तक गई। मुख्यमंत्री ने उसको रिलेक्स किया, उसके बाद 112 रुपए का भुगतान हमारे चीफ सेक्रेटरी साहब को हुआ। मंै यह नहीं कहता कि उन्होंने 112 रुपए क्यों ले लिए...ले लिए उनका अधिकार बनता होगा। लेकिन कानून की प्रक्रिया को जिस तरह से ब्यूरोक्रेसी ने उलझाया है, उसी प्रकार से ज्युडिशियरी उलझा रही है। इसलिए ब्यूरोक्रेसी के सेटअप में चेंज करने के बिल की आवश्यकता है।
घनश्याम तिवाड़ी