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- लगते रहे भ्रष्टाचार के आरोप, चार साल में 9 बार बदले गए सीईओ
लगते रहे भ्रष्टाचार के आरोप, चार साल में 9 बार बदले गए सीईओ
ठेकेदारों को सिविल कार्यों के टेंडर जारी करने, बिल पास करने और भुगतान करने की एवज में उनसेे कमिशन लेने के मामले फंसे लालचंद असवाल की गिरफ्तारी के बाद निगम के पूर्व सीईओ भी एसीबी की राडार पर हैं। गिरफ्तारी के बाद असवाल ने एसीबी को पूछताछ में बताया कि उसने ठेकेदारों को टेंडर भुगतान उसी आधार पर किया है, जो उनसे पिछले सीईओ करते रहे थे। ऐसे में अब एसीबी पहले रहे सीईओ के कार्यों की भी जांच करेगी। वर्ष 2009 से अब तक 9 सीईओ रह चुके है। अधिकतर पर मेयर ज्योति खंडेलवाल ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
हाल ही एसीबी ने असवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पूर्व सीईओ जगरूप सिंह के खिलाफ भी पद का दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज किया था। एसीबी ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है। इससे पहले सीईओ रहे लोकनाथ सोनी के खिलाफ भी एसीबी में शिकायत दर्ज हो रखी है।
फाइलों को सामने रखकर पूछताछ
एसीबीने लेखा शाखा और सीईओ के चेंबर से जो फाइलें जब्त की थी। उनमें से 118 फाइलों में एसीबी की जांच में अनियमितताएं सामने आई है। फाइलों के सामने रखकर एसीबी के जांच अधिकारी शंकर दत्त शर्मा और बजरंग सिंह आरोपी लालचंद असवाल से पूछताछ कर रहे है।
िनगम में भ्रष्टाचार की जांच जारी
एसीबीके डीजी मनोज भट्ट ने बताया कि नगर निगम में अनियमित तरीके से किए भुगतान नियम विरूद्व दिए गए टेंडरों की फाइलों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी में मेयर की भी शिकायत
तीनसीईओ ने भी मेयर की शिकायत एसीबी में की थी। सीईओ रहे राजेश यादव ने मेयर के घर के बिजली के बिल निगम कोष से दिए जाने की शिकायत की। पूर्व सीईओ लोकनाथ सोनी ने भी मेयर के खिलाफ अफसरों को धमकाने और निगम में बायोवेस्ट के ठेके को लेकर शिकायत की। जगरूपसिंह यादव ने भी मेयर की शिकायत एसीबी में की।
इसलिए रहे विवादों में
राजेशयादव: जयसिंहहाईवे पर स्थित सी-4 और बिना मेयर स्वीकृति के निगम में 20 वकीलों की नियुक्ति
लोकनाथसोनी : अवैधनिर्माण, अनियमित तरीके से भुगतान और बीट्स भुगतान को लेकर गड़बडी का आरोप
जगरूपसिंह यादव : पार्कोंके ठेकों में अनियमितता, अवैध निर्माण, अनियमित तरीके से भुगतान, सक्शन मशीन किराया और ठेकेदारों से मिलीभगत
निर्माण कार्यों में मिली अनियमितताएं
एसीबीने असवाल के कार्यकाल के दौरान जिन ठेके