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फर्जी दस्तावेज से लोन के मामले में बैंक के पूर्व मुख्य प्रबंधक को कैद
जयपुर | महानगरकी सीबीआई मामलों की विशेष कोर्ट ने 2004-05 में फर्जी दस्तावेजों से लोन देने वाले एसबीबीजे बैंक की वीकेआई शाखा के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक ओपी वर्मा लोन लेने वाले नंद किशोर सिंह को दो-दो साल कैद दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में मुख्य सतर्कता अधिकारी एमएम लाल ने 4 अक्टूबर 2006 को एफआईआर दर्ज कराई थी कि नंद किशोर सिंह ने फर्जी दस्तावेज से बैंक से साढ़े दस लाख रुपए का लोन लिया तत्कालीन बैंक प्रबंधक ओपी वर्मा ने लोन स्वीकृत किया। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य प्रबंधक के कार्यकाल के दौरान कई लोगों को फर्जी आईटीआर दस्तावेजों के आधार पर 530 गृह बंधक लोन दिए गए और 30 जून 2006 तक 47 खाते एनपीए हो गए जिससे बैंक को चार करोड़ चालीस लाख रुपए का नुकसान हुआ।