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अंग प्रत्यारोपण की गाइडलाइन तैयार, अधिसूचना जल्द होगी
जयपुर| राज्यमें तमिलनाडु मॉडल की तर्ज पर अंग प्रत्यारोपण (कैडेवर या ऑर्गन ट्रांसप्लांट) के लिए गाइडलाइन बन चुकी है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होगी। सरकार ने नए बनने वाले सात मेडिकल कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं स्टाफ आदि जरूरतों पर चर्चा करने तथा मौजूदा कॉलेजों को सरकार की ओर से मिलने वाले बजट को लैप्स होने के बजाय का इस्तेमाल करने को कहा है।
चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने यह जानकारी मंगलवार को स्वास्थ्य निदेशालय में मेडिकल शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग की रिव्यू बैठक के दौरान दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंग प्रत्यारोपण पर विधि विशेषज्ञों से जल्द से जल्द राय लें, ताकि सरकार नोटिफिकेशन जारी कर सके। उसके बाद कैडेवर ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने वाले सरकारी अस्पतालों में ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन कमेटी, रिसीवर डोनर का पंजीकरण शुरू हो जाएगा। राज्यस्तर पर सभी तरह की कमेटियों का गठन किया चुका है। उन्होंने एसएमएस अस्पताल के सामने बन चुके इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रोमेटोलॉजी में काम में आने वाले सभी तरह के उपकरणों एवं विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगामी दो माह में पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव (मेडिकल शिक्षा) जेसी महांति, प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) दीपक उप्रेती, संयुक्त सचिव (मेडिकल शिक्षा) डॉ. एसपी सिंह, एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.सुभाष नेपालिया समेत अन्य कॉलेजों के प्राचार्य उपस्थित थे।
डॉक्टरोंकी कंसल्टेंसी फीस : इसकेलिए जयपुर, जोधपुर एवं बीकानेर मेडिकल कॉलेज प्राचार्यों की कमेटी एक सप्ताह में सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगी। राठौड़ ने कहा कि डॉक्टरों को घर के बाहर मरीज देखने का समय फीस का बोर्ड लगाना चाहिए।
<ह्यह्लह्म्शठ्ठद्द>इमरजेन्सी मेडिसन विभाग के लिए बजट: एसएमएस समेत अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर एवं कोटा अस्पताल में इमरजेन्सी मेडिसन विभाग खोलने करने के लिए 24.72 करोड़ रु. मंजूर हो गए हैं। इसके तहत गंभीर हालत वाले मरीजों को सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, न्यूरोसर्जरी, मेडिसन एवं गायनी के डॉक्टरों की सेवाएं मिलेंगी। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों के मेडिसन विभागों से प्रस्ताव मांगे हैं।
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