जीवंत हुई राधा-कृष्ण लीला
शुक्रवारको शाम ढलते ही जयपुर के लोग मां आद्या शक्ति की भक्ति में डूबने को आतुर हो उठे। चारों दिशाओं से लोग आत्मीय भाव से जयपुर की संस्कृति का अंग बनने जा रहे अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में शरीक होने निकल पड़े। शाम सात बजे गरबा स्थल एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड में शहर के गौरवशाली नागरिक दाखिल होना शुरू होते हैं। कहीं खिलखिलाता बचपन, कहीं कृष्ण कन्हैया की पोशाक में गरबा रास की मस्ती में डूबने को आतुर बांकपन। कोई मयूर बनकर, कोई श्रीकृष्ण तो कोई राधे रानी का रूप रचाकर डांडिया की उमंग अपने में समा लेने को आतुर नजर आया।
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लोग हुए महाआरती में लीन
चारदिवसीय अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के पहले दिन शुक्रवार को शाम 7:30 बजते-बजते पूरा परिसर गुलजार हो गया। मां दुर्गा की आरती के लिए बनाए विशेष सर्कल में सैकड़ों लोग हाथों में दीपक लेकर खड़े हैं। निर्देशक का इशारा मिलते ही शुरू होता है महाआरती का सिलसिला। ओम जय हो जय हो मां जगदंबे... के मधुर स्वर पर लोग महाआरती में लीन हो जाते हैं।