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तेजाब डालने पर झुलसी युवती को एसएमएस से रात 9:30 बजे छुट्टी
जयपुर | फुलेराके काचरोदा गांव में 2 सितंबर को एक युवक द्वारा तेजाब डालने पर झुलसी 24 वर्षीय युवती काे बुधवार रात साढ़े नौ बजे एसएमएस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि देर छुट्टी होने पर वे गांव कैसे जाएं। छुट्टी देते वक्त डॉक्टर प्रदीप गोयल ने 10 दिन बाद एसएमएस अस्पताल आकर सर्जरी करवाने को कहा है। परिजनों ने आरोप है कि डॉक्टर ने पीिड़ता को 12 प्रतिशत झुलसा बताया, जबकि फुलेरा अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा दी गई मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता को 30 प्रतिशत झुलसा बताया है। परिजनों का आरोप है कि उपचार कर रहे डॉक्टर ने पीडि़ता के सरकारी सहायता मिलने के कागजों पर भी साइन करने से इनकार कर दिया। ये कागजात एसडीएम को पेश करने थे।
बिना हाथ-पैर वाला बच्चा सड़क पर फेंका, जेके लोन में भर्ती
जयपुर. जेकेलोन अस्पताल में डॉक्टर ऐसे बच्चे की जिंदगी बचाने में जुटे हैं, जिसके हाथ, पैर नहीं हैं और अर्द्ध विकसित मुंह है। इस बच्चे को बीकानेर से यहां लाया गया है। बच्चे को उसके परिजन सड़क पर फैंक गए थे और लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया था। जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसडी शर्मा ने बताया कि यह बच्चा 28 दिन का है और यह बीमारी कॉडल रिग्रेसिन सिंड्रोम कहलाती है। प्रदेश में इस तरह का पहला मामला सामने आया है। देश में इस तरह के एक-दो केस ही सामने आए हैं।
बचा पाना बहुत मुश्किल
डॉ. एसडी शर्मा ने बताया कि बच्चे को बचा पाना काफी कठिन है। इसका कारण यह है कि बच्चा बहुत छोटा है और इसमें ब्लड की कमी है। इसकी नसें भी नहीं दिख रही हैं। इसके अलावा आंतरिक संरचना में हार्ट, लंग्स और मस्तिष्क हैं। अन्य अंगों के बारे में भी पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में बच्चे को बचाने में जुटी टीम को काफी परेशानी हो रही है।