पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सुरक्षित सफर की राह 5 कदम, जिनसे हादसों में 95% तक कमी संभव

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जयपुर. न संयोग, न खराब सड़कें और न ही खराब मौसम। सड़क हादसों के लिए 90 से 97 फीसदी तक हमारी लापरवाही या जल्दबाजी जिम्मेदार है। ट्रैफिक पुलिस, जयपुर की ओर से जारी आंकड़े यही बताते हैं। इसके अलावा दूसरा प्रमुख कारण खराब सड़कें, तीसरा खराब मौसम और कुछेक हादसों का कारण वाहनों में तकनीकी खराबी को बताया गया है। डीसीपी, ट्रैफिक पुलिस लवली कटियार की मानें तो अगर थोड़ी सी सावधानी बरतें तो वाहन चालक की गलती से होने वाले हादसों को रोका जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सबसे अधिक हादसे निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने से होते हैं।

हादसे नशे में वाहन चलाने से

आरटीओ (दक्षिण) विमल कुमार जैन ने बताया कि ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी देने और ट्रायल के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं। अनट्रेंड ड्राइवर को लाइसेंस का सवाल ही नहीं। दुर्घटना के पीछे ओवरटेकिंग, शराब पीकर वाहन चलाना और तेज गति से वाहन चलाना भी एक बड़ा कारण है।

फिर भी हम और सुधार करेंगे

परिवहन विभाग के अनुसार लाइसेंस जारी प्रक्रिया में बेहतर सुधार के लिए बेंगलुरू और पुणे की तर्ज पर कंप्यूटराइज्ड ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक बनाने पर और स्थायी लाइसेंस पर आवेदकों को 2 घंटे का अतिरिक्त प्रशिक्षण देने पर विचार चल रहा है। वैसे चालक को भी वाहन चलाते समय सतर्कता बरतनी चाहिए।