जयपुर. राहत भरी खबर। सर्दी के साथ ही स्वाइन फ्लू भी खत्म होने वाला है। इस बीच, मौसम के बदलाव के दौरान 15 दिन सतर्क रहना होगा। डॉक्टरों के मुताबिक इस दौरान जरा सी लापरवाही से सर्दी तुरंत लगती है, जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और आप आसानी से स्वाइन फ्लू की चपेट में आ सकते हैं। इसीलिए खासकर, बच्चों को सर्दी से बचाकर रखना होगा।
बुधवार को चार बच्चों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इनमें हसनपुरा निवासी विवेक, घाटगेट निवासी नाजिन, समीर, निशांत सभी सात साल से छोटे है। ये बच्चे स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार इनके पीछे भी ऐसे ही कारण रहे हैं।
कम आए मरीज : एसएमएस अस्पताल में रोज औसतन करीब 250 जांच हो रही हैं, लेकिन बुधवार को 178 मरीजों की जांच की गई।
मेडिकल काॅलेजों के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की आशंका वालों को आउटडोर पर्ची के साथ ही मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा एसएमएस अस्पताल में फ्लू की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिये अलग काउंटर भी बनाया जाएगा।
टास्क फोर्स अध्यक्ष डाॅ.अशोक पनगड़िया की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया कि गंभीर रोगियों को विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप अत्याधुनिक तकनीक से उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में आउटडोर, आइसोलेशन वार्ड एवं आईसीयू की अलग व्यवस्था करने के साथ ही स्वाइन फ्लू इंटरमीडिएट वार्ड भी प्रारंभ कर दिया गया है।
जेके लोन अस्पताल में भी प्रभावित बच्चों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है। प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा-स्वास्थ्य) मुकेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में टेमी फ्लू दवा उपलब्ध है। बैठक में जनस्वास्थ्य निदेशक डाॅ. बीआर मीणा, एसएमएस मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. यूएस अग्रवाल भी मौजूद थे।