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स्नेक बाइट के बाद 12 घंटे तक ढूंढ़ते रहे दवा, इधर जहर फैलता रहा

7 वर्ष पहले
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जयपुर. राजधानी जयपुर के स्वाथ्य महकमे के पास सांप के काटे का प्रारंभिक इलाज ही नहीं। एसएमएस अस्पताल सहित किसी भी सरकारी अस्पताल और मेडिकल स्टोर्स पर स्नेक बाइट के एंटीवेनम नहीं हैं। एसएमएस अस्पताल में शनिवार सुबह सांप के काटे का इलाज कराने पहुंचे 20 वर्षीय युवक को एंटीवेनम इंजेक्शन के लिए 12 घंटे इंतजार करना पड़ा। इस दौरान जहर उसके पूरे शरीर में फैलता गया। अब यह युवक आईसीयू में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है। शाम 4 बजे किसी तरह मरीज के लिए एसएवी इंजेक्शन का बंदोबस्त किया जा सका। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दवा के ट्रांसपोर्ट में कोई परेशानी आ गई थी, इसलिए इंजेक्शन नहीं मिला।
अफसर बोले- दवा ट्रांसपोर्ट में परेशानी आ गई थी, इसलिए नहीं पहुंचे इंजेक्शन
सचाई- अगस्त से सप्लाई नहीं। कीमत 950 की जगह 450 रु. कर दी, कमाई घटी तो मेडिकल स्टोर भी दवा नहीं रखते
बड़ा सवाल
कालू के चाचा सलीम 12 घंटे तक पूरे शहर में इंजेक्शन ढूंढ़ते रहे, नहीं मिला। भास्कर की मदद से आखिरकार इंजेक्शन की व्यवस्था हो गई, लेकिन 10 गुना कीमत पर। वो कहां से आया?
अफसर का तर्क
ड्रग कंट्रोलर अजय जैन ने बताया कि इन दिनों सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती हैं। इसलिए जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों में इंजेक्शन भिजवा दिए। जयपुर में ट्रांसपोर्ट की वजह से माल नहीं आ पाया है। अगले दो-तीन दिनों में यह माल आ जाएगा।
यह है हकीकत
भास्कर पड़ताल में सामने आया कि जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, कोटा, अलवर सहित लगभग पूरे प्रदेश में एएसवी इंजेक्शन की सप्लाई अगस्त के बाद से ही अटकी हुई है। कालू को निवाई में ही इलाज क्यों नहीं मिला? एसएमएस अस्पताल में भी दवा नहीं मिली।
यहां भी नहीं इंजेक्शन एसएमएस अस्पताल, जयपुरिया अस्पताल के सामने किसी भी मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि अधिकतर निजी अस्पतालों में भी एएसवी इंजेक्शन नहीं हैं। जिन निजी अस्पतालों में इंजेक्शन हैं, वो भी इमरजेंसी के लिए रखे गए हैं। यह स्थिति तब है जब एसएमएस अस्पताल में ही रोजाना 3 से 4 केस स्नेक बाइट के आ रहे हैं। इसके अलावा पिछले एक सप्ताह में जयपुरिया अस्पताल में भी दो केस स्नेक बाइट के आ चुके हैं।
देरी का नतीजा
कालू को सुबह 3:45 पर निवाई में सांप ने काटा। घरवाले सुबह निवाई सीएचसी ले गए। वहां भी स्नेक बाइट का इंजेक्शन नहीं मिला। प्रारंिभक उपचार के बाद डॉक्टरों ने एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया। यहां वो सुबह 11 बजे पहुंचा, लेकिन यहां इंजेक्शन नहीं मिला। तबीयत बिगड़ती गई। अब कालू अचेतावस्था में आईसीयू में भर्ती है।
देरी न होती तो
एसएमएस के मेडिसिन विभाग के डाॅ. सुधीर मेहता ने बताया कि स्नेक बाइट के मामले में पीड़ित को जल्दी से जल्दी एएसवी इंजेक्शन लगाया जाना चाहिए। इसमें ज्यादा वक्त लगता है तो पॉइजन तेजी से फैलता है और पैरालाइसिस से लेकर मौत तक का खतरा हो सकता है। यह सांप के काटने पर शरीर में प्रवेश किए जहर पर निर्भर करता है।
450 रु. का इंजेक्शन 4500 में मिला
कालू के चाचा सलीम ने बताया कि उसे इंजेक्शन की कीमत नहीं पता। एक दुकानदार ने 9000 रु. में दो इंजेक्शन दिए हैं। जान बचाना जरूरी है, इसलिए खरीदे।
इधर, दवा न मिलने से युवती की मौत
सांप काटने के बाद शनिवार सुबह जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई युवती आयशा की तबीयत बिगड़ती चली गई। दोपहर में उसे अचेतावस्था में एसएमएस अस्पताल लाया गया। यहां कुछ देर उपचार के प्रयासों के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।