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ट्रेन में टीटीई का बैग चोरी, 8 घंटे बाद भी एफआईआर नहीं हुआ दर्ज

7 वर्ष पहले
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जयपुर. रेल में सफर के दौरान यात्रियों के सामान चोरी के मामलों पर कार्रवाई करना तो दूर, चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराना ही दूभर है। और तो और ट्रेन के टीटीई की भी सुनवाई नहीं होती। कुछ ऐसा ही मामला हुआ सोमवार रात भोपाल-जोधपुर पैसेंजर में। ट्रेन में ऑन डयूटी टीटीई का बैग चोर ले गया और पुलिस चोर को तुरंत ढूंढ़ने की बजाय टीटीई को यह कहकर टालती रही कि जब तक मामला दर्ज नहीं होता, वे कुछ नहीं कर सकते। जीआरपी थाने में जाने के बाद वहां पुलिसकर्मी रिपोर्ट लिखने में आनाकानी करते रहे। इस दौरान ट्रेन कोटा, सवाईमाधोपुर और जयपुर तक आई और टीटीई ने तीनों जगह एफआईआर दर्ज करानी चाही, लेकिन वह दर्ज नहीं की गई।
कोटा-सवाईमाधोपुर में टीटीई की किसी ने नहीं सुनी
टीटीई जेपी मीणा ने बताया कि वह भोपाल-जोधपुर ट्रेन में ड्यूटी पर थे। कोटा स्टेशन पर एस-1 कोच की सीट नंबर सात पर रखे उनके बैग को चोर ले गया। तुरंत ट्रेन के गार्ड को इस बारे में बताया। गार्ड ने टीटीई को जीआरपी में रिपोर्ट लिखने के लिए कहा। जब थाने पर पहुंचा तो उन्होंने कुछ देर बाद आने को कहा और शिकायत नहीं ली।
जब ट्रेन सवाईमाधोपुर पहुंची तो वहां जीआरपी थाने में जाने के बाद भी उन्होंने रिपोर्ट लिखने में एक से डेढ़ घंटा लगने की बात कही। बाद में परेशान होकर जयपुर के सीएमआई कंट्रोल को फोन किया। उन्होंने जयपुर आने की बात कही। इसके बाद जयपुर आया, लेकिन यहां भी थाने में एफआईआर नहीं ली गई। केवल लिखित शिकायत लेकर भेज दिया गया।
परेशान टीटीई ने जब विभाग के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो उनके हस्तक्षेप के बाद जयपुर जीआरपी थाने में केवल लिखित शिकायत ले ली गई। टीटीई के बैग में ड्यूटी के दौरान काम आने वाले महत्वपूर्ण कागजात भी थे।
यूं रहा घटनाक्रम
भोपाल-जोधपुर ट्रेन कोटा पहुंची सोमवार रात 2:36 बजे।
बैग चोरी होने के बारे में पता चला- 2:44 बजे
कोटा जीआरपी ने रिपोर्ट नहीं ली, बाद में ट्रेन चली- 3:27 बजे
सवाईमाधोपुर पहुंची- 5:25 बजे
यहां भी रिपोर्ट नहीं ली, ट्रेन चली- 5:55 बजे
जयपुर पहुंची ट्रेन - 9:10 बजे
जयपुर जीआरपी में लिखित शिकायत ली- 10:50 बजे।
आरोप : अपराध कम दिखाने के लिए दर्ज नहीं करते रिपोर्ट
ट्रेन में ऑन ड्यूटी टीटीई के साथ हुए घटनाक्रम और एफआईआर नहीं लिखने पर यूपीआरएमएस ने नाराजगी जताई है। यूपीआरएमएस के सचिव जगजीत सिंह ने कहा है कि जीआरपी और आरपीएफ अपराध का आंकड़ा कम दिखाने के लिए रिपोर्ट ही दर्ज नहीं करते। जबकि हकीकत में यात्रियों और स्टाफ को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब ऑन ड्यूटी कर्मचारी की ही रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही तो आमजन यात्री के साथ होने वाले व्यवहार की अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने बताया कि एनडब्लूआरईयू इसका विरोध जताएगा। वहीं यूपीआरएमएस के ब्रांच सेकेक्टरी सुरेश यादव नेह कहा कि आरपीएफ और जीआरपी को स्टाफ सहित आमजन का पूरा सहयोग करना चािहए।
इनका कहना है
टीटीई की तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ हुआ है तो मैं पता करता हूं। - सुबोध शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक, जीआरपी, जयपुर।