जयपुर। जिला प्रमुख के चुनाव में कूटनीति में हारी भाजपा अगले ही दिन जिला उप प्रमुख के चुनाव में कुछ संभल गई। रविवार को इस चुनाव में भाजपा 24 जिला उप प्रमुख बनाने में कामयाब रही। कांग्रेस को केवल 9 पद जिला उप प्रमुख के मिले। जिला परिषद के अधिक सदस्य जीतने के बावजूद भाजपा अलवर और नागौर में जिला प्रमुख के पद नहीं जिता सकी थी। साथ ही बराबर सदस्य होने के बावजूद झुंझुनूं में भी कांग्रेस की रणनीति सत्ताधारी भाजपा को पीछे छोड़ने में काम आई। ऐसे में कांग्रेस ने तीनों जगह ही अपने जिला प्रमुख बनाए।
रविवार को भाजपा ने संभलते हुए रणनीति में बदलाव किया और इन तीनों स्थानों पर ही उप जिला प्रमुख के पद पर जीत दर्ज की। जयपुर में मोहनलाल शर्मा उप जिला प्रमुख निर्वाचित हुए हैं। प्रदेश में 25 पुरुष और केवल 8 महिला उप जिला प्रमुख चुनी गईं। 18 जिला प्रमुख चुनी गई थीं।
क्रास वोटिंग का शिकार हुई भाजपा
जिला प्रमुख के चुनाव की तरह भाजपा उप प्रधान के चुनाव में भी कई जगह क्रॉस वोटिंग का शिकार हो गई। अधिक सदस्य जीतने के बावजूद कांग्रेस उप प्रधान बनवाने में कामयाब हो गई। रविवार को हुए चुनाव में 295 पंचायत समितियों में से रात 9 बजे तक आए 289 परिणामों में भाजपा के 166 और कांग्रेस के 102 उप प्रधान चुने गए। बसपा धौलपुर में एक उप प्रधान बनाने में कामयाब रही। वहीं 20 निर्दलीय प्रत्याशी उप प्रधान बने। डूंगरपुर की 8 पंचायत समितियों में चार पर ही भाजपा उप प्रधान बना सकी। यहां आसपुर और गलियाकोट में भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग करा कांग्रेस उप प्रधान का पद छीन ले गई। दोनों ही स्थानों पर भाजपा को भितरघात का सामना करना पड़ा।
बीकानेर में श्रीडूंगरगढ़ में कांग्रेस क्रॉस वोटिंग का शिकार हुई। यहां कांग्रेस के एक सदस्य ने भाजपा का उप प्रधान बना। लूणकरणसर में भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस का उप प्रधान चुने जाने में मदद की। नोखा में कांग्रेस के एक सदस्य ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।