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डाउनलोड करेंजयपुर. विधानसभा में राज्यपाल मारग्रेट अल्वा के अभिभाषण को पढ़ा हुआ मान लेने के प्रस्ताव पर भाजपा विधायक राव राजेंद्र सिंह गुरुवार को अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े हो गए। अल्वा अभिभाषण पढ़ रही थीं तो संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने प्रस्ताव रखा कि यदि सदन की अनुमति हो तो अभिभाषण को पढ़ा हुआ मान लिया जाए।
इसके बाद अभिभाषण पढ़ा हुआ मान लिया गया। इस व्यवस्था के खिलाफ राव राजेंद्र ने कहा- हमने यह परंपरा बना ली है कि किसी सदस्य के कहने पर अभिभाषण को पढ़ा मान लेते हैं।
राज्यपाल चाहे जिस भाषा में पढ़ें। यदि वह मान्यताप्राप्त है तो हमारा अधिकार है कि हम संपूर्ण भाषण सुनें। जवाब में विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल ने खुद यह मंशा जाहिर की थी कि वे कुछ अंश पढ़ेंगी, उसके बाद अभिभाषण को पढ़ा मान लिया जाए।
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फोटो- विरोध करते राव राजेंद्र सिंह।
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