जयपुर. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राज्य मंत्रिमंडल का नवरात्रों में विस्तार करने की तैयारी में है। मंत्रिमंडल में 11 से 13 तक नए मंत्री बनाए जाएंगे। विधायकों के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व से राय-मशविरा करने के लिए 27 और 28 सितंबर को दिल्ली जा रहे हैं। वहां से परनामी के आने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की कभी भी घोषणा हो सकती है। भाजपा विधायक मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर अपने रसूखात के जरिए लॉबींग में लगे हैं।
यह भी बताया जा रहा है कि परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ मंत्रियों के विभागों में अदला-बदली हो सकती है। एक राज्यमंत्री को कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है। भाजपा नेतृत्व की ओर से पसंद पूछे जाने पर आरएसएस ने भी करीब सात विधायकों के नाम मंत्री के लिए सुझाए हैं। हालांकि संघ के अधिकृत सूत्रों ने इस तरह के नाम सुझाए जाने की परंपरा से साफ इंकार किया है। सरकार के उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक 28 सितंबर के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। पहली बार जितने वाले विधायकों को मंत्रिमंडल में लिया जाए या नहीं, इस मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। पहली बार जीतने वाले विधायकों को नहीं लेने का फैसला हो गया तो मंत्रिमंडल को लेकर सरकार पर 60 से अधिक विधायकों का दबाव कम हो जाएगा।
संघ की पसंद: बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व के पूछे जाने पर संघ की ओर से विट्ठलशंकर अवस्थी, वासुदेव देवनानी, जगसीराम कोली, ज्ञानचंद पारख, बाबू सिंह राठौड़, नरपत सिंह राजवी आदि के नाम सुझाए गए है। विधायकों को युवा मोर्चा और महिला मोर्चा में पदाधिकारी : युवा विधायकों को एडजस्ट करने के लिए दो विधायकों को भाजयुमो की राष्ट्रीय टीम में लिया जा सकता है। तीन विधायकों को सांसद सीपी जोशी के नेतृत्व वाले भाजयुमो की प्रदेश टीम में पदाधिकारी बनाया जा रहा है। इसी तरह दो महिला विधायकों को महिला मोर्चा की टीम में पदाधिकारी बनाया जा सकता है।
(मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की फाइल फोटो)