जयपुर. पार्कों के मेंटीनेंस और सुरक्षा के नाम पर नगर निगम में 2.27 करोड़ रुपए का गबन करने के मामले में एसीबी ने आईएएस अफसर (एपीओ) एलसी असवाल, आरएएस अफसर जगरूप सिंह व नगर निगम के उद्यान आयुक्त सहित 17 जनों के खिलाफ भ्रष्टाचार करने का मुकदमा दर्ज किया है। जगरूप सिंह जेसीटीएल में एमडी पद पर तैनात हैं। उद्यान शाखा की ओर से वर्ष 2013-14 के लिए मानसरोवर, विद्याधरनगर, मोतीडूंगरी, सिविल लाइन, हवामहल(पश्चिम), आमेर व सांगानेर जोन में पार्कों के मेंटीनेंस और सुरक्षा के लिए पांच फर्मों को टेंडर दिए थे। ठेकेदार फर्मों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर 2.27 करोड़ रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान लिया। महापौर ज्योति खंडेलवाल ने एसीबी में परिवाद दर्ज कराया था।
इसकी जांच एडिशन एसपी बजरंग सिंह ने की थी। परिवाद की जांच के बाद एसीबी ने तत्कालीन सीईओ जगरूप सिंह व लालचंद असवाल और निगम की उद्यान आयुक्त को गबन का आरोपी मानते हुए पांच जोनों में हुए इस भ्रष्टाचार के मामले में सभी के खिलाफ पांच-पांच मुकदमे दर्ज किए है।
240 और 8 घंटे की ड्यूटी के हिसाब से प्रति सुरक्षाकर्मी उठाया भुगतान
वर्ष 2013 से पहले ठेकेदार फर्मों को प्रतिदिन के हिसाब एक सुरक्षा गार्ड के 160 रुपए दिए जाते थे। नगर निगम ने वर्ष 2013-14 में जारी किए टेंडरों में 240 रुपए प्रति सुरक्षा गार्ड को एक दिन का भुगतान किया गया। एसीबी ने तत्कालीन सीईओ जगरूप सिंह व लालचंद असवाल और उद्यान आयुक्त बद्रीप्रसाद शर्मा, वित्तीय सलाहकार मुंशीराम, सहायक लेखाधिकारी रामस्वरूप गिल, लेखाकार अनिल कुमार शर्मा, उद्यान अधीक्षक प्रकाश मेहनोल, सुपरवाइजर सुरेश तिवाडी, कन्हैयालाल सैनी, केदार, सीताराम और छाजूराम के खिलाफ एसीबी ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 477 ए, 120 बी और भ्रष्टाचार की धारा 13(1)(सी)(डी), 13(2) और 15 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
भास्कर की खबर को माना आधार
दैनिक भास्कर ने नगर निगम की उद्यान शाखा में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले का खुलासा किया था। एसीबी ने खबर को आधार मानते हुए उद्यान शाखा से रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की थी। डीजी मनोज भट्ट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।