जयपुर. ठेकेदारों को सिविल कार्यों के टेंडर जारी करने, बिल पास करने और भुगतान करने की एवज में उनसेे कमिशन लेने के मामले फंसे लालचंद असवाल की गिरफ्तारी के बाद निगम के पूर्व सीईओ भी एसीबी की राडार पर हैं। गिरफ्तारी के बाद असवाल ने एसीबी को पूछताछ में बताया कि उसने ठेकेदारों को टेंडर व भुगतान उसी आधार पर किया है, जो उनसे पिछले सीईओ करते आ रहे थे। ऐसे में अब एसीबी पहले रहे सीईओ के कार्यों की भी जांच करेगी। वर्ष 2009 से अब तक 9 सीईओ रह चुके है। अधिकतर पर मेयर ज्योति खंडेलवाल ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
हाल ही एसीबी ने असवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पूर्व सीईओ जगरूप सिंह के खिलाफ भी पद का दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज किया था। एसीबी ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है। इससे पहले सीईओ रहे लोकनाथ
सोनी के खिलाफ भी एसीबी में शिकायत दर्ज हो रखी है।
इसलिए रहे विवादों में
राजेश यादव: जयसिंह हाईवे पर स्थित सी-4 और बिना मेयर स्वीकृति के निगम में 20 वकीलों की नियुक्ति
लोकनाथ
सोनी : अवैध निर्माण, अनियमित तरीके से भुगतान और बीट्स भुगतान को लेकर गड़बडी का आरोप
जगरूप सिंह यादव : पार्कों के ठेकों में अनियमितता, अवैध निर्माण, अनियमित तरीके से भुगतान, सक्शन मशीन किराया और ठेकेदारों से मिलीभगत
असवाल रिमांड पर, कई अफसर शक के घेरे में
एसीबी मामलों की कोर्ट ने ठेकेदारों को टेंडर देने की एवज में कमिशन वसूलने के आरोप में गिरफ्तार नगर निगम के पूर्व सीईओ असवाल को शनिवार को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। एसीबी के एएसपी शंकर दत्त शर्मा की टीम ने असवाल को शाम साढ़े चार कोर्ट में पेश किया।
एसीबी की दलील एसीबी की ओर से कहा कि यह मामला टेंडर के बदले कमिशन देने से संबंधित है जिसमें गहनता से जांच जरूरी है।
ये दिए तथ्य एसीबी ने पूर्व में एक्सईएन पुरुषोत्तम जेसवानी से 46 फाइलों को जब्त किया था और बाद में 26 फाइलें मिली, जांच चल रही है।
अदालत के आदेश कोर्ट ने एसीबी के प्रार्थना पत्र पर असवाल को एक दिन के पुलिस रिमांड पर देते हुए रविवार को पेश करने का आदेश दिया। असवाल की गिरफ्तारी रिटायरमेंट से चार दिन पहले ही हुई।
एसीबी को 118 फाइलों में मिली गड़बड़ी, फाइलों को सामने रखकर पूछताछ
एसीबी ने लेखा शाखा और सीईओ के चेंबर से जो फाइलें जब्त की थी। उनमें से 118 फाइलों में एसीबी की जांच में अनियमितताएं सामने आई है। फाइलों के सामने रखकर एसीबी के जांच अधिकारी शंकर दत्त शर्मा और बजरंग सिंह आरोपी लालचंद असवाल से पूछताछ कर रहे है।
एसीबी में मेयर की भी शिकायत
तीन सीईओ ने भी मेयर की शिकायत एसीबी में की थी। सीईओ रहे राजेश यादव ने मेयर के घर के बिजली के बिल निगम कोष से दिए जाने की शिकायत की। पूर्व सीईओ लोकनाथ सोनी ने भी मेयर के खिलाफ अफसरों को धमकाने और निगम में बायोवेस्ट के ठेके को लेकर शिकायत की। जगरूपसिंह यादव ने भी मेयर की शिकायत एसीबी में की।
निर्माण कार्यों में मिली अनियमितताएं
एसीबी ने असवाल के कार्यकाल के दौरान जिन ठेकेदारों को निर्माण कार्यों के टेंडर जारी किए थे। उन कार्यों की जांच इंजीनियरों से करा रही है। तकनीकी कमेटी ने प्रतापनगर और मानसरोवर इलाके में सिविल कार्यों की गुणवत्ता की जांच की है। जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आई है।
निगम में भ्रष्टाचार की जांच जारी
एसीबी के डीजी मनोज भट्ट ने बताया कि नगर निगम में अनियमित तरीके से किए भुगतान व नियम विरूद्व दिए गए टेंडरों की फाइलों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।