(कमरे में बंद बच्चे)
जयपुर. शहर की तंग गलियों में 10 बाई 10 फीट के कमरों में गंदगी के बीच चूड़ी बनाते, आरीतारी के काम में खपते 8 से 14 साल उम्र के बच्चे। दिखने में लाचार। आंखों में डर। मासूमियत बरकरार। पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीमें ऐसे बंधक बाल मजदूरों को छुड़वाने का अभियान चलाए हुए हैं।
गुरुवार को गलता गेट पुलिस और मानव तस्करी सेल की संयुक्त टीम ने चार दरवाजा के पास पचरंग पट्टी मोहल्ले में आरीतारी के कारखाने पर छापा मारा। यहां छोटे से कमरे में 6 बच्चे ताले में बंद थे। अंदर आरीतारी का काम हो रहा था।
टीम ने सभी बच्चों को मुक्त करा लिया। गलता गेट थाना पुलिस ने केस दर्ज कर गया (बिहार) निवासी गुलबर्ग और बरेली उत्तरप्रदेश निवासी शाकिर को गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल अरविंद को बालश्रम की सूचना मिली थी।
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