तीज, गणगौर, स्वागतम्... नेताओं का

9 वर्ष पहले
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आलोक खंडेलवाल. जयपुर।

राज्य में चल रहे पर्यटन सीजन के बावजूद बीते 10 दिन से जयपुर के तीज, गणगौर और स्वागतम् होटल नेताओं के नाम बुक हो गए हैं। वजह है कांग्रेस का 18 जनवरी से शुरू होने वाला चिंतन शिविर। पर्यटन के इस पीक सीजन में खूब कमाई होनी थी, लेकिन वह तो अटक ही गई है, साथ ही इन होटलों पर रिनोवेशन सहित अन्य कामों के लिए करीब 2 करोड़ रु. का अतिरिक्त खर्च आ गया है। शिविर ने राजस्थान टूरिज्म डवलपमेंट कार्पोरेशन (आरटीडीसी) के लिए चिंता खड़ी कर दी है। राज्य सरकार के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने 17 से 20 जनवरी तक तीनों होटलों में बुकिंग कैंसिल कर दी। पिछले 10 दिन से होटलों में दिन-रात रिनोवेशन का काम चल रहा है। जो पर्यटक इन होटलों पर पहुंच रहे हैं, उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।

ऑनलाइन बुकिंग बंद
चिंतन शिविर के चलते आरटीडीसी के सेंट्रल रिजर्वेशन ऑफिस (सीआरओ) ने सभी पूर्व बुकिंग निरस्त कर दी हैं। एक विवाह के लिए बुक किए करीब 15 कमरों की बुकिंग तक को कैंसिल कर दिया गया। सीआरओ ने इन कमरों के लिए ऑनलाइन बुकिंग को भी बैन कर दिया है। पर्यटन सीजन में तीनों में कम से कम 120 कमरे बुक रहते हैं। इन कमरों में करीब 150 बैड हैं।

और अब गुडविल खराब
ट्रैवल कंपनियों का कहना है कि निगम के होटलों को पर्यटक इसलिए बुक कराता है कि उनमें फ्रॉड होने की आशंका नहीं रहती। पहली बार इस तरह बुकिंग कैंसिल की गई है। इसने से न केवल गुडविल खराब हुई है, बल्कि इसके दूरगामी विपरीत परिणाम भी सामने आएंगे।


बिना टेंडर अधिक राशि में कराया जा रहा काम
रिनोवेशन के लिए आरटीडीसी ने कोई टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई। ऐसे में कुर्सियों, गद्दे, पलंग व अन्य रिनोवेशन के लिए अधिक राशि में काम कराया जा रहा है। स्थिति यह है कि जल्दबाजी में निगम ने कमरों के लिए गद्दे मंगवा लिए। उनका साइज लंबाई में कम आ गया। अब वह उनमें फोम जोड़कर बड़ा किया जा रहा है।


कहां, क्या-क्या सुधार
तीनों ही होटलों तीज, गणगौर और स्वागतम के कमरों व बाहरी हिस्सों में रंगा-रोगन का काम चल रहा है। कमरों के सभी बैड के गद्दे-चादरें बदले जा रहे हैं। कुर्सियों की मरम्मत कराकर उन पर पेंट किया जा रहा है। रसोइयों में टाइल्स लगाने, टूट-फूट सुधारने का काम, खराब क्रॉकरी हटाकर नई लाई जा रही है। खराब पानी की लाइनें ठीक कराने का काम शुरू करा दिया गया है।

  • इलेक्ट्रिशियन, रंग-रोगन व मरम्मत के श्रमिक सहित विभिन्न कामों के लिए करीब 80 श्रमिक-कर्मचारी लगे हैं।
  • आरटीडीसी के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इन दिनों चिंतन शिविर की तैयारियों में ही लगाया हुआ है। होटलों में रिनोवेशन के साथ, केटरिंग, राजभवन की व्यवस्थाओं व स्वागत आदि के लिए 80 से अधिक अधिकारी और 300 से अधिक कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
  • पिछले 15 दिन से मौखिक रूप से सभी कर्मचारियों-अधिकारियों की छुट्टियां लगभग रद्द कर दी गई हैं। उन्हें यह भी कहा गया है कि वे इन कामों को गंभीरता से लें।


इन्हें दी गई है जिम्मेदारी


प्रबंधन ने चिंतन शिविर के लिए होटलों की अलग-अलग जिम्मेदारी दी है। आरटीडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को गणगौर होटल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) को स्वागतम और जीएम (फाइनेंस) को तीज होटल का जिम्मा सौंपा गया है। अधनीस्थन अधिकारी व कर्मचारियों को इनके साथ मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया है। ये सभी रिनोवेशन से शिविर के दौरान आने वाले अतिथियों का खयाल रखेंगे।

ऐसा पहले कभी नहीं हुआ
आरटीडीसी के रिटायर्ड सीनियर मैनेजर निरंजन शर्मा का कहना है कि तीज होटल को 50 साल से ज्यादा हो गए। गणगौर व स्वागतम को 30 से 35 साल के बीच। आरटीडीसी में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, जिसमें किसी आयोजन के कारण कन्फर्म बुकिंग को कैंसिल कराया गया।


पर्यटन सीजन
राज्य में
वर्ष : देशी पर्यटक : विदेशी पर्यटक
2009 : 2.56 करोड़ : 10.73 लाख
2010 : 2.55 करोड़ : 1.28 लाख
2011 : 2.71 करोड़ : 1.40 लाख
जयपुर में
2011 में 62.52 लाख पर्यटक
जनवरी 2011 में
राज्य में आए 130183 पर्यटक
तीनों होटल 50 से 70 फीसदी बुक रहते हैं


पीसीसी करा रही है कमरे बुक


आरटीडीसी के चेयरमैन रणदीप धनखड़ का कहना है कि होटलों की स्थिति सुधारने के लिए रिनोवेशन का काम शुरू करा दिया गया है। इन दिनों चिंतन शिविर की तैयारी चल रही है, जिसके कमरे प्रदेश कांग्रेस कमेटी ही बुक करा रही है। उसका पैसा भी वही देगी।

सरकारी पैसे का दुरुपयोग


राजस्थान पर्यटन विकास निगम कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष तेजसिंह राठौड़ का कहना है कि आरटीडीसी लगातार घाटे में है। कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्तों का भुगतान नहीं हो रहा। विकट स्थिति से गुजरते निगम के पैसे का जिस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा, उससे और भी संकट आने की आशंका है।

  • ३ लाख रोज की कमाई बंद, २ करोड़ लगाकर बदले जा रहे गद्दे, तकिये
  • तीज होटल में 42, गणगौर में 65 और स्वागतम में 40 कमरे हैं।
  • पर्यटन सीजन में ये सभी लगभग भरे रहते हैं।
  • इनका किराया औसतन दो हजार रु. प्रतिदिन है।
  • इस तरह तीन लाख रु. रोज कमाई

होती है।

न अग्रिम राशि दी, न रिनोवेशन का खर्च


चार दिन की बुकिंग के लिए न तो कोई अग्रिम राशि आरटीडीसी को दी गई है और न ही रिनोवेशन के लिए खर्च। आरटीडीसी पसोपेश में है कि चार दिन की बुकिंग का पैसा आखिर देगा कौन, पीसीसी या राज्य सरकार? पहले से ही वह अत्यधिक घाटे में चल रहा है। केटरिंग बुक करने के भी अभी बुकिंग चार्ज नहीं दिए गए हैं।


कांग्रेस ने सरकारी कार्यक्रम बनाया
॥कांग्रेस ने चिंतन शिविर को पूर्णत: सरकारी कार्यक्रम बना दिया है। बुकिंग रद्द करने जैसा काम आज तक नहीं हुआ। इससे साख खराब होगी।


-अरुण चतुर्वेदी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
चिंतन शिविर के कारण नहीं हो रहा रिनोवेशन
॥चार दिन के लिए कमरों की बुकिंग वैसे ही की गई है, जैसे रुटीन बुकिंग की जाती है। चिंतन शिविर के कारण रिनोवेशन नहीं हो रहा, बल्कि खराब पर्दे, कवर आदि बदलवाए जा रहे हैं। -श्रीराम मीणा, एमडी आरटीडीसी