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कांग्रेस नेताओं ने माना, राजस्थान में हो गया जेनरेशन शिफ्ट

7 वर्ष पहले
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जयपुर. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत ने बुधवार को पीसीसी में साफ संकेत दिया कि पार्टी में जेनरेशन शिफ्ट की शुरुआत हो गई है। उन्होंने कहा : पार्टी संगठन और विधायक दल का नेतृत्व युवाओं को सौंप दिया गया है। पार्टी युवाओं को सामने लाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गहलोत-जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं का पूरा सम्मान करेगी। पार्टी के महत्वपूर्ण निर्णयों में उनको भी शामिल किया जाएगा और अब तक जो निर्णय लिए गए हैं, उनमें भी उन्हें शामिल किया गया है। कामत दैनिक भास्कर के इस सवाल पर बोल रहे थे कि क्या पार्टी में जेनरेशन शिफ्ट हो गया है और क्या यह अशोक गहलोत तथा सीपी जोशी के युग की विदाई और सचिन पायलट तथा रामेश्वर डूडी जैसे युवाओं के नए युग की शुरुआत है?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में बुधवार को कामत और पार्टी के नए प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। कामत ने हालांकि पहले कहा कि गहलोत और जोशी का युग समाप्त हो गया है, ऐसा नहीं है। इनका भी मार्गदर्शन लेंगे। कामत ने उम्मीद जताई कि पायलट और डूडी दोनों युवा नेता हैं और दोनों ही वरिष्ठ नेताओं के साथ तालमेल करके चलेंगे। पायलट ने पार्टी में गुटबाजी की बातों को निराधार बताया और कहा कि कांग्रेस में एक ही गुट है और वह गुट सोनिया गांधी और राहुल गांधी का है। उन्होंने कहा : कांग्रेस से युवा जुडऩे लगे हैं। राहुल गांधी के कारण युवाओं को तवज्जो मिल रही है। आपको जल्द ही पार्टी में जेनरेशन शिफ्ट होता नजर आएगा।

चंद्रभान ने सरकार और आपसी फूट को ठहराया हार के लिए जिम्मेदार

बनीपार्क में हुए पार्टी के पंचायती राज प्रतिनिधियों के सम्मेलन में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान ने कहा : सरकार ने कार्यकर्ता की नहीं सुनी इसलिए हारे। सरकार होती है तो कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं होता। अब सरकार नहीं है तो कार्यकर्ता संतुष्ट है। हमारी हार के कारण भ्रष्टाचार, महंगाई और सत्ता विरोधी लहर तो रही ही है, सबसे बड़ा कारण तो आपसी खींचतान भी था। हमारे क्षेत्रीय नेता दूसरे लोगों को आगे नहीं आने देना चाहते। हमारी लड़ाई विपक्ष के नेताओं से नहीं, हमारे ही अपने नेताओं से है।

कामत ने कहा, सरकार नहीं, संगठन जिम्मेदार

प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत बोले : उम्मीद नहीं थी कि ऐसे परिणाम आएंगे। लेकिन हार के लिए सरकार नहीं, संगठन जिम्मेदार है। संगठन के लोग ही घर-घर जाकर सरकार के कामों का प्रचार करते हैं। सरकार घर-घर नहीं जाती। संगठन ने अपनी भूमिका सही नहीं निभाई। कार्यकर्ताओं ने सरकार के कामों का प्रचार-प्रसार ठीक से किया होता तो यह स्थिति नहीं होती। लेकिन अब कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के लिए फिर तैयार है।

उधर कामत ने कहा, सरकार नहीं, संगठन जिम्मेदार

प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत बोले: उम्मीद नहीं थी कि ऐसे परिणाम आएंगे। लेकिन हार के लिए सरकार नहीं, संगठन जिम्मेदार है। संगठन के लोग ही घर-घर जाकर सरकार के कामों का प्रचार करते हैं। सरकार घर-घर नहीं जाती। संगठन ने अपनी भूमिका सही नहीं निभाई। कार्यकर्ताओं ने सरकार के कामों का प्रचार-प्रसार ठीक से किया होता तो यह स्थिति नहीं होती। लेकिन अब कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के लिए फिर तैयार है।

साहब बोल लिया, रह बा दो, डुबो दिया

सम्मेलन में जैसे ही पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला का भाषण खत्म हुआ और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष चंद्रभान को भाषण के लिए आमंत्रित किया। इसी दौरान मंच के सामने बैठा एक कार्यकर्ता उठा और बोला- साहब रहबा दो बोल लिया, पांच साल से बोल ही रहा छच्यो, फिर भी डुबो दिया। इस पर कार्यकर्ता जोरदार हंसने लगे। मंच से आग्रह आने के बाद कार्यकर्ता बैठा, तब जाकर मामला शांत हुआ।

कामत की ना, असलियत में हां?

सवाल था : क्या जेनरेशन शिफ्ट हो रहा है। कामत बोले : नहीं, लेकिन उन्होंने आगे कहा : गहलोत-जोशी का भी मार्गदर्शन लिया जाएगा। इस सियासी भाषा का कांग्रेस की भाषा में अर्थ ये है कि अब ये दोनों नेता सम्मानित मार्गदर्शक रहेंगे!

कामत ने कहा : अब तक के फैसलों में भी उनसे यानी गहलोत जोशी से विचार विमर्श किया गया। मतलब ये कि पार्टी में जेनरेशन शिफ्ट का दौर गहलोत और जोशी दोनों नेताओं की सहमति से ही केंद्रीय हाईकमान ने किया है।

बीकानेर-झुंझुनूं में भी वोटिंग से होगा प्रत्याशी का चयन

विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद अब पार्टी सबसे छोटे स्तर तक के कार्यकर्ताओं और जनता की राय से ही लोकसभा प्रत्याशी तय करेगी। राज्य में पार्टी पहले की तरह स्क्रीनिंग कमेटी का उपयोग नहीं करेगी। झुंझुनूं और बीकानेर में तो इस प्रक्रिया के लिए मतदान भी कराया जाएगा। इसके लिए झुंझुनूं की वोटर लिस्ट तैयार हो चुकी है और बीकानेर की अब तैयार की जाएगी। पंचायतीराज संस्थाओं एवं स्थानीय निकाय संस्थाओं के पार्टी के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में कांगे्रस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अपनाई गई स्क्रीनिंग की प्रक्रिया सफल नहीं रही, इसलिए उसे नहीं अपनाया जाएगा। इसमें जनता को शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी नेताओं ने भाग लिया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.पी. जोशी नहीं आए।

वहीं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं महासचिव गुरुदास कामत ने विधानसभा चुनाव में हार को संगठन की कमजोरी, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार नहीं होना बताया। इसके बावजूद भी कार्यकर्ताओं ने हिम्मत नहीं हारी है। लोकसभा चुनावों में इसका बदला लेना है। इसके लिए अभी से काम करना होगा।
स्थानीय लोग तय करेगी प्रत्याशी

बीकानेर और झुंझुनूं में लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी का चयन इस ग्राम स्तर के नेता और वहां के लोग तय करेंगे। इसके लिए वोटिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें जिलाध्यक्ष, कार्यकारिणी, पुराने नेता, सरपंच, जिला प्रमुख वोट करेंगे। जिस प्रत्याशी को सबसे अधिक वोट मिलेंगे, वहीं क्षेत्र में लोकसभा चुनाव लड़ेगा।

प्रदेश कार्यकारिणी में नहीं होगा बदलाव

पायलट ने कहा कि फिलहाल वो प्रदेश कार्यकारिणी में कोई परिवर्तन नहीं करेंगे। पूर्व के पदाधिकारी अपने पद पर काम करते रहेंगे। वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नकारात्मक राजनीति कर रही है। उन्होंने पांच साल के लिए कोई कार्य योजना तैयार नहीं की। इससे लगता है कि सरकार सिर्फ लोकसभा चुनाव तक काम करना चाह रही है।