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डाउनलोड करेंजयपुर. अजमेर में थानों से बंधी वसूलने के मामले में निलंबित एएसपी लोकेश सोनवाल की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की बहस सोमवार को पूरी हो गई। न्यायाधीश निशा गुप्ता ने बहस सुनने के बाद में निर्णय देना तय किया।
सोनवाल की ओर से कहा कि वे मामले में मुख्य आरोपी नहीं हैं और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राजेश मीणा को जमानत दे दी है।
इसलिए उन्हें भी जमानत दी जाए। इसके जवाब में एसीबी की ओर से अधिवक्ता घनश्याम सिंह राठौड़ ने कहा कि सोनवाल पांच महीने फरार रहे हैं और जमानत मिलने पर वे गवाहों को प्रभावित करेंगे, लिहाजा जमानत नहीं दी जाए। इस मामले में एसीबी ने जनवरी 2013 में अजमेर के तत्कालीन आईपीएस राजेश मीणा को गिरफ्तार किया था, जबकि एएसपी सोनवाल को निलंबित कर दिया था। एसीबी ने मई 2013 में सोनवाल को गिरफ्तार किया।
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