पाली. राज्य के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने स्कूलों में सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों को आड़े हाथ लिया। सोमवार को उन्होंने कहा, ‘सूर्य तो ब्रह्मांड का हिस्सा है। उसे किसी धर्म या संप्रदाय से जोड़ना गलत है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उन्हें फिर सूर्य से भी परहेज करना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘लोग सूर्य की रोशनी और ऊर्जा लेते हैं लेकिन उसे नमस्कार करने से परहेज करते हैं। ऐसे लोगों को अंधेरे कमरों में बैठना चाहिए। सूर्य 10 योगों का पूर्ण योग है। उस पर आपत्ति करना गलत है। यह भारत में नहीं चलेगा।’ देवनानी सुमेरपुर में विद्या भारती स्कूल के शिलान्यास समारोह में बाेल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘हम जल्द ही पाठ्यक्रम में परिवर्तन कर रहे हैं। अब अकबर महान नहीं प्रताप महान का पाठ पढ़ाएंगे।’ उन्होंने मीडिया के सामने भी इस बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह सब विपक्ष की चाल है।