जयपुर. हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन के 40वें से पहले शनिवार को हुसैन के दीवानों ने दहकते अंगारों से गुजरकर खिराजे अकीदत पेश की। बासबदनपुरा के शिया वक्फ कौमी इमामबाड़े में अंगारों का मातम मनाया गया। यहां शिया समुदाय के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अंगारों से निकले और इमाम हुसैन को याद किया।
इस दौरान या हुसैन, या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। इसमें शहरभर की अंजुमनों ने शिरकत की। इससे पहले मजलिस में सोज, सलाम व मर्सिया पढ़ा गया। मौलाना सैयद कमर हसनैन रिजवी ने तकरीर की। उन्होंने शहादत पर रोशनी डाली।
आज निकलेगा मातमी जुलूस: इमाम हुसैन के 40वें पर रविवार को जंजीरी मातम मनेगा। जगह-जगह शिया समुदाय की ओर से सलाम व मर्सिया पढ़े जाएंगे। अंजुमने मोइनुल अजा के सदर सैयद जाफर अब्बास तकवी ने बताया कि सुबह 11 बजे मोहल्ला पन्नीगरान के शिया कौमी इमामबाड़े में मजलिस होगी।
इसमें मौलाना खिताब फरमाएंगे। दोपहर 2 बजे इमामबाड़े से (इमाम हुसैन की सवारी दुलदुल के घोड़े व अलम के साथ) मातमी जुलूस निकलेगा। जुलूस कुम्हारों की नदी, पुराना तबेला, मोहल्ला हांडीपुरा, मुल्तानियों की मस्जिद, चारदरवाजा होकर शाम 4 बजे सुभाष चौक पहुंचेगा। यहां शहरभर की अंजुमने शिरकत करेंगी। इसके बाद सभी अंजुमने काले लिबास में जंजीरी मातम मनाएंगी। यहां से जुलूस कर्बला पहुंचेगा।