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डाउनलोड करेंजयपुर। फुलेरा निवासी 55 वर्षीय एक मरीज की टोटल लेप्रोस्कोपिक विपल्स सर्जरी से डॉक्टरों ने पीलिया, पेट दर्द और भूख नहीं लगने से निजात दिलाई है। आठ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ है। एंडोस्कोपिक बायोप्सी और पेट का सीटी-स्कैन कराने पर पेन्क्रियाज कैंसर के स्टेज-2 मिली। जिसका इलाज सिर्फ विपल्स सर्जरी है।
फोर्टिस हॉस्पिटल के गेस्ट्रो इंटेस्टाइन सर्जन डॉ.संदीप जैन का कहना है कि पहले तो चार अंगों को निकाला तथा फिर से उन्हें मरीज की उम्र के हिसाब से बिना चीरे से जोडऩा काफी कठिन है। डॉ.जैन ने बताया कि विपल्स सर्जरी में बिना चीरा, जल्दी डिस्चार्ज, किसी तरह के ब्लड की जरूरत नहीं, दर्द रहित एवं संक्रमण की संभावना नहीं रहती है।
क्या है विपल्स प्रोसीजर
डॉ.जैन के अनुसार पेन्क्रियाज के ऊपरी हिस्सा ( कैंसर प्रभावित क्षेत्र) के लिए इस तरह का ऑपरेशन किया जाता है। जिसमें पेन्क्रियाज व आमाशय का आधा-आधा हिस्सा, पित्त की नली, गॉल ब्लेडर, ड्यूडोनम को सावधानी पूर्वक निकाला जाता है। इसके बाद में अलग किए हिस्सों को आपस में जोड़ा जाता है। जोडऩे के क्रम में छोटी आंत को पहले पेन्क्रियाज से जोड़ा, बाद में पित्त की नली तथा अंत में आमाशय से जोड़ा गया। ऑपरेशन में डॉ.गौरीशंकर शर्मा, डॉ.राजीव लोचन, डॉ.अखिल अग्रवाल एवं डॉ.रितु शर्मा का सहयोग रहा।
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