जयपुर/जोधपुर. राज्य में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों पर 14 माह से चली आ रही रोक राज्य सरकार ने हटा ली है। 25 सितंबर से तबादले शुरू हो जाएंगे। प्रशासनिक सुधार विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। हाल ही उपचुनाव में चार में से तीन सीटें हारने के पीछे भी भाजपा की समीक्षा बैठक में तबादलों से रोक नहीं हटने को एक कारण माना गया था। तबादलों पर बैन 12 जुलाई 2013 से लगा हुआ था। प्रशासनिक सुधार विभाग के एसीएस राकेश वर्मा ने बताया कि यह आदेश सभी निगमों, मंडलों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू रहेगा। नवंबर में निकाय चुनाव होने हैं। ऐसे में आचार संहिता लगने से पहले तक ही तबादले हो सकेंगे।
इसलिए थी रोक
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में 12 जुलाई 2013 को तबादलों पर बैन लगा था। सरकार का अंतिम साल होने के दौरान बैन नहीं हटाया गया। बाद में 4 अक्टूबर 2013 को विधानसभा चुनाव के लिए और 5 मार्च, 2014 को लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गई थी। चुनाव बाद भाजपा सरकार संभागों के दौरों में लगी रही।
अब इसलिए हटाई
उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक में तबादलों पर रोक न हटाने को हार का कारण माना गया। अब नवंबर में निकाय चुनाव हैं और उसके बाद पंचायत चुनाव। भाजपा सरकार अब कोई रिस्क लेना नहीं चाहती। इसलिए बैन हटाना पड़ा।
तबादले 1 माह तक ही
नवंबर में निकाय चुनाव होने हैं। उससे पहले आचार संहिता लग जाएगी। सरकार को तबादलों के लिए करीब एक माह का समय ही चुनाव से पहले मिलेगा। हालांकि तबादलों से बैन अनिश्चितकाल के लिए हटाए जाने के आदेश हैं, इसलिए सरकार की ओर से बैन नहीं लगाए जाने की स्थिति में चुनाव के बाद भी तबादले खुले रहेंगे।
विभागों ने की तैयारी, हो रही अर्जियों की लिस्टिंग
- 45 हजार से ज्यादा अर्जियां आ चुकी हैं शिक्षकों की
- राज्य के करीब दो लाख से ज्यादा कर्मचारी-अफसर तबादलों से रोक हटने का इंतजार कर रहे थे। शिक्षा, चिकित्सा, वन और आबकारी सहित सभी विभागों में तबादला अर्जियों की लिस्टिंग की जा रही है।
- हालांकि लिस्टिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन तबादले के इच्छुक अफसर-कर्मचारी अब भी अपने विभाग में आवेदन कर सकते हैं।
- पंचायतीराज विभाग में 1 अप्रैल 2014 तक तीन साल पूरे कर लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले होंगे। नीति तैयार कर ली है।