जयपुर। राज्य सरकार अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं में एक्सपर्ट को कांट्रेक्ट पर लेने के बजाय पांच साल की अवधि तक स्थाई नौकरी देगी। इसके लिए सरकार अपने सेवा नियमों में संशोधन कर शॉर्ट सर्विस रूल्स लागू करेगी। फिलहाल सरकार अपनी योजना के लिए निजी क्षेत्र से विशेषज्ञों की जरूरत पड़ने पर उन्हें कांट्रेक्ट पर लेती है। सर्विस रूल्स का मसौदा तैयार हो चुका है और विधि विभाग इसका अध्ययन कर रहा है।
यहां से मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग (नियम) इनके लिए ग्रेड-पे निर्धारित करेगा और कार्मिक विभाग सेवा नियमों में संशोधन करेगा। गौरतलब है, मुख्यमंत्री ने बजट 2014-15 में शॉर्ट सर्विस रूल्स बनाने की घोषणा की थी।
क्यों पड़ी जरूरत
राज्य सरकार को बड़ी योजनाएं संचालित करने के लिए विषय विशेषज्ञों की जरूरत होती है। अब तक सरकार में ऐसी योजनाओं के लिए कांट्रेक्ट पर विशेषज्ञों को लिया जाता है। सरकार का मानना है कि कांट्रेक्ट पर उसे अच्छे विशेषज्ञ नहीं मिल पाते। ऐसे में बड़ी योजनाओं में विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए सरकार शॉर्ट सर्विस रूल्स लागू करना चाहती है। राज्य सरकार ने मौजूदा बजट में कई कंपनियों के विनिवेश की घोषणा की हुई है। सरकार के पास प्रशासनिक विशेषज्ञता तो है लेकिन विनिवेश के लिए उसे प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। ऐसे में शॉर्ट सर्विस रूल्स के जरिए वे इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को नौकरी पर रखेगी।
शॉर्ट सर्विस रूल्स लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा
शॉर्ट सर्विस रूल्स प्रदेश में लागू हो जाते हैं तो राजस्थान इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। फिलहाल सेना में ही शॉर्ट सर्विस कमीशन लागू है। शॉर्ट सर्विस के लिए पदनाम भी नए बनाए जाएंगे। इनका वेतन क्लास वन श्रेणी के ऑफिसर्स के समकक्ष ही होगा।