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सरकारी दावा- दवा कम नहीं, हकीकत- दवा कहीं नहीं, विधानसभा में सरकार के बयान की हकीकत

7 वर्ष पहले
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(ये है कालू। पांच दिन पहले इसे निवाई में सांप ने डस लिया था। वहां एएसवी इंजेक्शन नहीं मिला तो एसएमएस अस्पताल रैफर हुआ। यहां पहले दिन 12 घंटे बाद कालू को 2 इंजेक्शन लगाए गए। परिजन अब तक 40 हजार रुपए खर्च कर 40 इंजेक्शन खरीद चुके हैं। हालांकि यह इंजेक्शन मुफ्त दवा योजना में शामिल है। मुफ्त मिलना था।)
जयपुर. सर्पदंश से पीड़ितों के इलाज की दवा एएसवी इंजेक्शन की कमी की बात को सरकार नकार चुकी है। सरकार विधानसभा में कह चुकी है कि दवा उपलब्ध है, इसकी कमी मौत की वजह नहीं। ...लेकिन हकीकत अलग है। गुरुवार दोपहर तक जयपुर सहित प्रदेश के ज्यादातर जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में एएसवी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे। भास्कर ने प्रदेश के 22 सीएचसी और पीएचसी की पड़ताल की।
पता चला कि इनमें से किसी भी केन्द्र पर दवा है ही नहीं। ऐसे में चिकित्सा मंत्री की ओर से विधानसभा में दिया गया बयान पर सवाल खड़े होते हैं। दवा है तो कहां? डिमांड कितनी है? डिमांड पर सप्लाई हो रही है कि नहीं? और इससे भी बड़े सवाल...जब दवा की कमी सर्पदंश पीड़ित की मौत की वजह नहीं तो फिर क्या वजह है?
जोधपुर में सर्पदंश से पीड़ित एक व्यक्ति को 380 इंजेक्शन लगाने की बात पर इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। बुधवार को इंजेक्शन की जांच के आदेश हुए थे, गुरुवार को जांच के लिए भी इंजेक्शन नहीं मिला। इधर, जयपुर के अपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती राहुल को गुरुवार को छुटटी दे दी गई। उसे एसएमएस अस्पताल से लाया गया था।
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