करौली। एसबीसी आरक्षण के मुद्दे पर 28 सितंबर (रविवार) को टोडाभीम उपखंड के गांव कटारा अजीज में होने वाली गुर्जर महापंचायत को लेकर शासन-प्रशासन में खलबली मची हुई है। प्रशासन व खुफिया विभाग पल-पल की राज्य सरकार को रिपोर्ट भेज रहा है, वहीं पुलिस ने भी हर स्थिति से निबटने के लिए कमर कस ली है।
हालांकि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैसला से नोटिस तामील कराने में नाकाम रहे प्रशासन ने अब शुक्रवार को उनके हिंडौन वर्धमान नगर स्थित निवास पर अंडरटेकिंग के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। इस पसोपेश में प्रशासन को गुर्जरों की तरफ से अंडरटेकिंग नहीं मिली है, तो प्रशासन ने भी गुर्जर महापंचायत के लिए अनुमति नहीं दी है।
तीन आरएएस अफसर करौली लगाए सरकार ने 3 आरएएस अफसरों को भेजने के आदेश किए हैं। कार्मिक विभाग के सचिव आलोक गुप्ता के आदेश के अनुसार जेवीवीएनएल में सचिव बाबूलाल गोयल, डीएमआईसी में भूमि अवाप्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह शेखावत, पैरा मेडिकल कौंसिल में रजिस्ट्रार गुंजन
सोनी को करौली कलेक्टर को रिपोर्ट करने को कहा है।
28 तक डेट लाइन, बाद में नहीं थमेंगे हम
कटारा अजीज में महापंचायत से दो दिन पहले शुक्रवार को कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के तेवर तल्ख दिखने लगे हैं। बैसला ने सरकार को चेतावनी दी कि 28 सितंबर से पहले गुर्जरों की आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई तो अंजाम कुछ भी हो, अधिकार लेकर ही उठेंगे। इस बार निर्णायक पंचायत होगी। कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने बताया कि महापंचायत को सफल बनाने के लिए आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकर्ता गांवों में घूम रहे हैं। दावा किया कि महापंचायत में अपेक्षा से ज्यादा संख्या में गुर्जर समाज के लोग पहुंचेंगे।