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डाउनलोड करेंजयपुर. राजस्थान हाउसिंग ने कर्मचारियों की तनख्वाह, स्टेशनरी, कोर्ट केस पर खर्च होने वाली राशि जनता से वसूलने का फैसला किया है। इसके लिए अब हाउसिंग बोर्ड में नामांतरण से लेकर, वसीयत और आवंटन पत्र जारी करने के समय लीगल फीस जैसे पांच शुल्क लिए जाएंगे। पिछले एक साल में हाउसिंग बोर्ड ने 16 हजार मकानों की नई योजनाएं शुरू की हैं।
नए आवंटनों के जरिये एक से डेढ़ करोड़ रुपए तक जनता से मिलने की उम्मीद है। हाउसिंग बोर्ड प्रशासन का कहना है कि मुफ्त में आज कागज भी नहीं मिलता है, ऐसे में हाउसिंग बोर्ड जनता के हर काम को फ्री में करने की बजाय तय शुल्क लेकर करेगा ताकि हाउसिंग बोर्ड घाटे में नहीं जाए।
मूल आवंटी के नाम के साथ निकट संबंधी के नाम जोडऩे के सभी आय वर्गों के प्रकरणों में प्रक्रिया शुल्क 2 हजार रुपए
मूल आवंटी की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारियों के नाम प्रतिस्थापित करने पर सभी आय वर्गों के प्रकरणों से प्रक्रिया शुल्क 2 हजार रुपए होगा।
बोर्ड के प्रशासनिक खर्चों के लिए 10' शुल्क वसूलते थे। जबकि खर्च 30' होता है। ये शुल्क लगाने जरूरीथे। -आर वेंकटेश्वरन, कमिश्नर, हाउसिंग बोर्ड
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