जयपुर. प्रसव से बड़ी पीड़ा ये लेबर रूम पर स्वप्रेरणा से संज्ञान लेते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने सरकार से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने परिवाद दायर करते हुए चिकित्सा शिक्षा व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख शासन सचिवों को निर्देश दिया है कि वे 17 नवंबर तक लेबर रूम की व्यवस्थाओं के बारे में रिपोर्ट पेश करें। आयोग अध्यक्ष एच आर कुड़ी ने कहा- सरकार स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों की हालत में सुधार नहीं कर पा रही है।
एक ओर महिला सशक्तीकरण के लिए भामाशाह जैसी योजना लागू हो रही है और दूसरी तरफ प्रसव पीड़ा सहते सहते एक मां अपनी जिंदगी हार रही है। प्रसूताओं का इन स्वास्थ्य केंद्रों की चौखट पर आने के बाद भी सुरक्षित प्रसव नहीं होना पीड़ादायक है। उसकी मृत्यु हमारे स्वास्थ्य प्रबंधन पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।
महिला सशक्तीकरण के लिए तो भामाशाह जैसी योजना ला रही सरकार। इधर, जिंदगी हार रही है मां। - एचआर कुड़ी, आयोग अध्यक्ष