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माह में तीन से ज्यादा ट्रिपिंग हुई तो बिजली इंजीनियरों पर कार्रवाई

7 वर्ष पहले
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जयपुर. ट्रिपिंग और मरम्मत की वजह से बार-बार हो रही बिजली कटौती पर िबजली कंपनी प्रबंधन ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। सब-स्टेशन के स्तर पर एक माह में तीन से ज्यादा बार ट्रिपिंग होने पर प्रबंधन संबंधित इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही, कंपनी ने 33 केवी व 11 केवी के सब-स्टेशनों पर मानसून के बाद की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए भी कवायद शुरू कर दी है।

राजस्थान की तीनों बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के चेयरमैन आर. जी. गुप्ता ने सोमवार को जारी आदेश में कहा है कि बिजली की लगातार आपूर्ति के बावजूद कटौती व ट्रिपिंग के चलते उपभोक्ता असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। इसकी सीधी सी वजह 11 व 33 केवी के सब-स्टेशनों का मेंटेनेंस सही तरीके से न होना है। विभाग ने मार्च, 2015 तक प्रदेश के सभी ढीले तारों को कसने व टेढ़े खंबों को सीधा करने समेत बिजली वितरण के पूरे सिस्टम को चाक-चौबंद करने की योजना बनाई है। इस योजना पर सही तरीके से काम किया जाना चाहिए।

गुप्ता ने कहा है कि 11 केवी व 33 केवी के सब-स्टेशनों के स्तर पर एक माह में तीन से ज्यादा बार बिजली आपूर्ति में बाधा नहीं आनी चाहिए। भविष्य में किसी सब-स्टेशन पर माह में तीन बार से ज्यादा बिजली आपूर्ति में बाधा आने के लिए संबंधित इंजीनियर को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को आदेश दिया कि अपने सर्किल में मानसून के बाद की मरम्मत का काम तेजी से कराएं और इसके लिए संबंधित इंजीनियरों को पूरी मदद मुहैया कराई जाए।
कृषि कार्य के लिहाज से मेंटिनेंस जरूरी
गुप्ता ने कहा है कि अक्टूबर माह मेंटिनेंस के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बाद नवंबर से कृषि कार्य के लिए किसानों को लगातार बिजली की जरूरत पड़ने वाली है। इसे ध्यान में रखते हुए मेंटिनेंस का काम जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। आदेश की कॉपी जयपुर डिस्कॉम, जोधपुर डिस्कॉम व अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों के अलावा चीफ इंजीनियरों व अधीक्षण अभियंताओं को भी भेजी गई है।