जयपुर. गोपालगढ़ हिंसा व गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकियों ने विस्फोटकों में केस्टर सीड्स मिलाए थे। ताकि विस्फोट के समय लोगों के शरीर में जहर जाए और ज्यादा मौतें हों। यह खुलासा एटीएस ने गुरुवार को आईएम के 13 आतंकियों के खिलाफ मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किए गए चालान में किया। एटीएस ने कोर्ट में पेश 3447 पेज के चालान में 470 दस्तावेज व 180 गवाहों को शामिल किया है। एटीएस दिल्ली की स्पेशल सेल के सीआई ललित मोहन नेगी ने 23 मार्च 2014 को जयपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आतंकी संगठन आईएम का आतंकी जियाउर्रहमान उर्फ वकास न्यायिक हिरासत में है।
उसने पूछताछ में बताया कि यासीन भटकल और असदुल्ला अख्तर की गिरफ्तारी के बाद भारत में आईएम का कमांडर तहसीन दिल्ली में हमले की साजिश कर रहा था। इसके लिए राजस्थान मोड्यूल के सदस्यों मारुफ, वकार व साकिब को बम बनाने की ट्रेनिंग दी गई। इस पर एटीएस ने मारुफ को गिरफ्तार किया और बाद में मेहराजुद्दीन को पकड़ा। उसके घर से बम बनाने का सामान पकड़ा। एफएसएल जांच में पता चला कि इन विस्फोटकों में केस्टर सीड्स मिलाए थे जिससे विस्फोट के समय लोगों के शरीर में जहर जाए ताकि ज्यादातर लोगों की मौत हो।
जिनकी जांच लंबित: छह आतंकियों तहसीन अख्तर, वकास, मोहम्मद मेहराजुद्दीन, इकबाल भटकल, रियाज भटकल व मोहम्मद अता के खिलाफ जांच लंबित रखी है।
इनके खिलाफ चार्जशीट
मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद आकिब, मोहम्मद उमर, मोहम्मद वाहिद, मोहम्मद वकार, अब्दुल मजीद, मारुफ, वकार अजहर, अम्यार यासर, साकिब अंसारी, बरकत अली, अशरफ अली, मशफल इकबाल हैं।
पाक से चला रहे थे नेटवर्क
प्रदेश में आतंकियों का नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे तीन सरगना इकबाल भटकल, रियाज भटकल और मो. अता चला रहे थे। इन्होंने सीकर के मो. मारूफ को राजस्थान और अशरफ को जोधपुर का चीफ बनाया था। इनका काम राजस्थान के युवकों को देश-विदेश और राजस्थान में होने वाले दंगों के बारे में बताना और बदला लेने के लिए आतंकी दस्ता तैयार करना था।
आगे की स्लाइड्स की तस्वीरों में देखें आतंकियों को कोर्ट में ले जाती पुलिस