पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जेडीसी का मैसेज ग्रुप छोड़ रहा हूं, मुझे सहा...धन्यवाद! बाय

जेडीसी का मैसेज- ग्रुप छोड़ रहा हूं, मुझे सहा...धन्यवाद! बाय

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जयपुर. जेडीसी शिखर अग्रवाल अचानक 15 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। उनकी छुट्टी मंजूरी कर उनका चार्ज एसीएस अशोक जैन को सौंपा गया है। जेडीसी ने छुट्टी पर जाने की वजह घरेलू कामकाज को बताया। हालांकि जेडीसी विभिन्न मसलों को लेकर काफी आहत हैं। ताजा मसला और विवाद अपीलीय अधिकरण (ट्रिब्यूनल) से स्टाफ के स्थानांतरण को लेकर चले आ रहे विवाद का था।
उन्होंने ट्रिब्यूनल में 9 से 25 साल पुराने स्टाफ को 5 दिसंबर को जेडीए के विभिन्न जोन आदि में स्थानांतरण करने के आदेश किए थे, लेकिन इस बीच अपीलीय अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने स्टाफ को कार्यमुक्त करने का क्षेत्राधिकार उनके पास सुरक्षित होने की बात कहते हुए रोक दिया।
एसीएस ने भी दखल नहीं दी
अपीलीय अधिकरण के मामलों में प्रशासनिक-कंट्रोलिंग ऑफिसर (पीठासीन अधिकारी की छुट्टी आदि) एसीएस होते हैं, लेकिन उन्होंने इसमें दखल नहीं दिया। जब पीठासीन अधिकारी ने स्टाफ को कार्यमुक्त नहीं किया तो इस बीच जेडीसी ने 10 अक्टूबर से ट्रिब्यूनल में चल रहे केसेज के लिए स्टाफ को पैरवी करने से रोका। इतने पर भी एसीएस अशोक जैन चुप रहे। जेडीसी शुक्रवार दोपहर बाद सरकार के समारोह की तैयारियों का जायजा लेने शहर के दौरे पर निकले थे। इसके बाद वे ऑफिस भी नहीं आए। साथ ही ऑफिस से अपना निजी सामान लेकर गए हैं।
इन मामलों पर भी आहत बताए जाते हैं
पैलेसिया प्रोजेक्ट: जेडीए पर नक्शे निरस्त करने का दबाव, लेकिन इसके स्पष्ट आदेश नहीं।
करीब 30-40 मामले पेंडिंग : जेडीए की ओर से यूडीएच को भेजे गए करीब 30-40 मसलों पर फैसला नहीं। मंत्री ने भी दखल नहीं दिया।
जनप्रतिनिधि: अतिक्रमण आदि मामलों में जनप्रतिनिधियों का दबाव। काम पर असहमति।
जेडीए के व्हॉट्स-एप ग्रुप पर लिखा
जेडीसी ने शाम को 4.45 पर जेडीए के व्हॉट्स-एप ग्रुप पर लिखा-मैं ग्रुप को छोड़ रहा हूं। पिछले कुछ महीनों से वक्त-बेवक्त मुझे काफी सहने, निर्देश मानने, सुनने और पालना करने के लिए धन्यवाद। बाय।
फास्ट डिसिजन-क्लियर विजन
शिखर अग्रवाल की जेडीए में क्लियर विजन-फास्ट डिसिजन की पहचान रही। कुछ समय में ही उनके खाते विभिन्न संस्थाओं को दी गई जमीन पर नियमानुसार निर्माण नहीं करने पर वापस लेना, ई-ऑक्शन, ऑनलाइन पेमेंट, रिंग रोड प्रोजेक्ट, पृथ्वीराज नगर सहित ट्रेफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सर्किल हटाकर धार्मिक स्थलों की शिफ्टिंग, जैसी उपलब्धियां रहीं।
4 करोड़ से साढ़े 1100 करोड़ तक
जेडीसी ने पदभार मिलने के दौरान सिर्फ 4 करोड़ रुपए से खजाने में 1100 करोड़ तक कर दिए। 600 करोड़ बैलेंस। 500 प्रोजेक्टस पर खर्च।
छुट्टी की वजह... घर पर कुछ काम थे। (ट्रिब्यूनल मामले पर) मैंने वहां लंबे समय से लगे स्टाफ को दूसरी जगह लगाया, लेकिन उन्होंने कार्यमुक्त नहीं किया। यह सब सामने है..बाकी कुछ नहीं कहना है। -शिखर अग्रवाल, जेडीसी (विवादों पर एसीएस से बात की तो वो टाल गए)